मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में 11KG चांदी के दरवाजे पर अष्टविनायक दर्शन

जयपुर के मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में गुरुवार से 11 किलो चांदी के दरवाजे पर देश के अष्टविनायक गणेश की मूर्तियां दिखेंगी, जिन्हें तीन महीने में तैयार किया गया।

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मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में नया चांदी का दरवाजा

जयपुर के प्रसिद्ध मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में एक खास बदलाव हुआ है। गुरुवार से मंदिर के मुख्य दरवाजे पर 11 किलो चांदी से बना नया दरवाजा स्थापित किया गया है। इस दरवाजे पर देश के अष्टविनायक गणेश की मूर्तियां उकेरी गई हैं, जिन्हें करीब तीन महीने की मेहनत के बाद तैयार किया गया है।

अष्टविनायक दर्शन का महत्व

अष्टविनायक गणेश मंदिर महाराष्ट्र में आठ प्रसिद्ध गणेश मंदिरों का समूह है। इन मंदिरों की मूर्तियां हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती हैं। मोतीडूंगरी मंदिर के इस नए चांदी के दरवाजे पर इन आठ गणेशों की मूर्तियां दर्शकों को दर्शन के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। इससे भक्तों को एक ही स्थान पर अष्टविनायक की पूजा करने का अवसर मिलेगा।

भक्तों और मंदिर पर प्रभाव

इस नये दरवाजे की स्थापना से मोतीडूंगरी मंदिर की शोभा बढ़ी है। भक्तों के लिए यह एक नया आकर्षण केंद्र बन गया है। इसके अलावा, मंदिर के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व में भी वृद्धि हुई है। श्रद्धालु अब यहां आकर अष्टविनायक के दर्शन कर अपनी आस्था को और मजबूत कर सकेंगे।

सारांश

मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में लगाया गया 11 किलो चांदी का दरवाजा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह कला और संस्कृति का भी एक सुंदर उदाहरण है। तीन महीने की मेहनत से तैयार यह दरवाजा मंदिर की भव्यता को और बढ़ाता है और भक्तों के लिए एक नया अनुभव लेकर आता है।

News Source: : Patrika News

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प्रश्न 1: मोतीडूंगरी मंदिर में नया दरवाजा किससे बना है?

प्रश्न 2: नए दरवाजे पर कितने किलो चांदी का इस्तेमाल हुआ?

प्रश्न 3: नए चांदी के दरवाजे पर किसकी मूर्तियां उकेरी गई हैं?

प्रश्न 4: अष्टविनायक दर्शन किस राज्य के हैं?

प्रश्न 5: नए दरवाजे के बनने में कितना समय लगा?


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