हरियाणा में 6 साल में 18,000 युवाओं की हार्ट अटैक से मौत
हरियाणा में पिछले छह वर्षों में 18,000 उम्र 18 से 45 साल के लोगों की हार्ट अटैक से मौत हुई है। कांग्रेस विधायक ने सदन में इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताई। हिसार के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. धर्म प्रकाश शरण ने इस मुद्दे पर अपनी राय दी है।
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हरियाणा में पिछले छह वर्षों के दौरान 18 से 45 वर्ष की उम्र के लगभग 18,000 युवाओं की हार्ट अटैक से मौत हुई है। यह आंकड़ा स्वास्थ्य विशेषज्ञों और राजनेताओं दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। कांग्रेस के एक विधायक ने विधानसभा में इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताई और सरकार से इस समस्या को गंभीरता से लेने की मांग की।
हार्ट अटैक यानी हृदयाघात युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा है। यह समस्या न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि सामाजिक और आर्थिक स्तर पर भी असर डालती है। युवाओं की मौत से परिवारों को भारी नुकसान होता है और प्रदेश की कार्यशील आबादी भी प्रभावित होती है।
हिसार के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. धर्म प्रकाश शरण ने बताया कि हार्ट अटैक के बढ़ने के पीछे जीवनशैली में बदलाव, गलत खान-पान, तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी मुख्य कारण हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार और व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। साथ ही, समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है ताकि हृदय रोगों को रोका जा सके।
इस समस्या का असर युवाओं की सेहत के साथ-साथ उनकी परिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों पर भी पड़ता है। अचानक होने वाली मौतें परिवारों को मानसिक और आर्थिक रूप से कमजोर कर देती हैं। इसके अलावा, प्रदेश की युवा शक्ति कमजोर होने से विकास की गति भी प्रभावित हो सकती है।
सरकार और स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि वे इस दिशा में जागरूकता अभियान चलाएं और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें। इससे हार्ट अटैक से होने वाली मौतों को कम किया जा सकता है।
News Source: : Patrika News
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