सीतामढ़ी शौचालय घोटाले में 36 फर्जी लाभुक, DM ने FIR दर्ज की

सीतामढ़ी में सरकारी कर्मचारियों ने लोहिया स्वच्छ बिहार योजना के तहत 36 नकली लाभुक बनाकर राशि का दुरुपयोग किया। जांच में असली लाभार्थी नहीं मिले।

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सीतामढ़ी शौचालय घोटाले में 36 फर्जी लाभुक पकड़े गए

सीतामढ़ी जिले में लोहिया स्वच्छ बिहार योजना के तहत शौचालय निर्माण के लिए जारी सरकारी राशि का दुरुपयोग करने का मामला सामने आया है। जिले के अधिकारियों ने जांच के बाद 36 ऐसे फर्जी लाभुकों की पहचान की है, जिनके नाम पर बिना असली लाभार्थी के शौचालय बनाए जाने का आरोप है। इस घोटाले के चलते जिला मजिस्ट्रेट ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

क्या है मामला?

लोहिया स्वच्छ बिहार योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को शौचालय बनाने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। सीतामढ़ी में इस योजना के तहत 36 ऐसे नाम फर्जी पाए गए, जिनके लाभार्थी वास्तविक रूप में मौजूद नहीं थे। जांच में यह भी सामने आया कि सरकारी कर्मचारियों ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर योजना की राशि का गलत इस्तेमाल किया।

इसका महत्व और प्रभाव

यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि स्वच्छता योजना का मकसद ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में साफ-सफाई बढ़ाना और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना है। फर्जी लाभार्थियों के कारण असल जरूरतमंदों तक सहायता नहीं पहुंच पाई। इससे योजना की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठते हैं।

इस घोटाले से प्रभावित होने वाले असली लाभार्थी अब भी शौचालय निर्माण के लिए इंतजार कर रहे हैं। साथ ही, यह घटना सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और निगरानी की जरूरत को भी दर्शाती है। जिला प्रशासन ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

News Source: : नवभारत टाइम्स

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प्रश्न 1: सीतामढ़ी शौचालय घोटाले में कितने फर्जी लाभुक पकड़े गए?


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