स्पेस मेडिसिन में भारत बनेगा अग्रणी, AIIMS और ISRO ने की साझेदारी, 6 प्रमुख विषयों पर होगी रिसर्च
AIIMS नई दिल्ली और ISRO ने स्पेस मेडिसिन के क्षेत्र में सहयोग के लिए महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहयोग के तहत अंतरिक्ष यात्रा के मानव शरीर पर प्रभावों की गहराई से जांच की जाएगी।
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नई दिल्ली: देश के दो प्रमुख संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) नई दिल्ली और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने स्पेस मेडिसिन के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रा के दौरान मानव शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों का गहराई से अध्ययन करना है।
इस सहयोग के तहत छह मुख्य विषयों पर शोध किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं: अंतरिक्ष में मानव शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली पर प्रभाव, हड्डियों और मांसपेशियों की कमजोरी, मनोवैज्ञानिक प्रभाव, विकिरण से सुरक्षा, भू-गुरुत्वाकर्षण की कमी के प्रभाव, और अंतरिक्ष यात्रा के बाद पुनःस्वास्थ्य लाभ। ये विषय अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
स्पेस मेडिसिन एक उभरता हुआ क्षेत्र है, जो अंतरिक्ष यात्रा के दौरान मानव स्वास्थ्य की चुनौतियों को समझने और समाधान खोजने पर केंद्रित है। भारत के लिए यह कदम विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह देश के स्पेस मिशनों की सफलता और अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। AIIMS और ISRO की साझेदारी से भारत इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बन सकता है।
इस रिसर्च से न केवल अंतरिक्ष यात्रियों को लाभ मिलेगा, बल्कि सामान्य स्वास्थ्य देखभाल में भी नई जानकारियां और तकनीकें विकसित हो सकती हैं। इसके अलावा, यह सहयोग भारत के स्पेस विज्ञान और चिकित्सा अनुसंधान को मजबूत करेगा, जिससे देश की अंतरराष्ट्रीय छवि में सुधार होगा।
इस प्रकार, AIIMS और ISRO का यह संयुक्त प्रयास भारत को स्पेस मेडिसिन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा।
News Source: : News18
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