ग्राफ्टिंग से एक पेड़ पर 9 तरह के आम उगाने का कमाल
पूर्णिया के किसान मायनंद विश्वास ने ग्राफ्टिंग तकनीक अपनाकर अपने 14 साल पुराने आम के पेड़ पर 9 अलग-अलग किस्म के आम उगाए हैं, जिनमें आम्रपाली, मालदा, दशहरी और बीजू शामिल हैं।
बिहार के पूर्णिया जिले के किसान मायनंद विश्वास ने एक 14 साल पुराने आम के पेड़ पर ग्राफ्टिंग तकनीक का उपयोग करके नौ अलग-अलग किस्म के आम उगाए हैं। इस अनोखी पहल में उन्होंने आम्रपाली, मालदा, दशहरी, बीजू समेत कई लोकप्रिय किस्मों को एक ही पेड़ पर सफलतापूर्वक लगाया है।
ग्राफ्टिंग एक ऐसी कृषि तकनीक है जिसमें एक पेड़ की शाखा को दूसरे पेड़ के तने या शाखा से जोड़ा जाता है ताकि दोनों की विशेषताएं एक साथ मिल सकें। इस प्रक्रिया से किसानों को एक ही पेड़ पर विभिन्न किस्मों के फल प्राप्त करने का मौका मिलता है, जिससे खेती की उत्पादकता बढ़ती है।
इस तकनीक के जरिए किसान को अलग-अलग पेड़ लगाने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे जगह और संसाधनों की बचत होती है। साथ ही, विभिन्न किस्मों के आम एक साथ उगाने से बाजार में बेहतर विकल्प मिलते हैं और किसानों की आय में वृद्धि हो सकती है। पूर्णिया के मायनंद विश्वास का यह प्रयास ग्रामीण कृषि में नवाचार की मिसाल बन सकता है।
ग्राफ्टिंग से उगाए गए विभिन्न प्रकार के आम उपभोक्ताओं को ताजगी और विविधता प्रदान करते हैं। किसानों के लिए यह तकनीक खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाती है। इसके साथ ही, यह पर्यावरण की दृष्टि से भी फायदेमंद है क्योंकि कम जगह में ज्यादा उत्पादन संभव होता है।
मायनंद विश्वास जैसे किसान नए कृषि तरीकों को अपनाकर न केवल अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन रहे हैं।
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