जसप्रीत बुमराह के लिए BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव कर सकता है
BCCI के नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में A+ कैटेगरी खत्म कर दी गई है, जिसमें तीनों फॉर्मेट में खेलने और रैंकिंग की शर्त रखी गई है। रोहित और कोहली एक फॉर्मेट खेल रहे हैं, जडेजा ने टी20 से संन्यास लिया है, इसलिए बुमराह ही एकमात्र उम्मीदवार बने हैं।
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अपने नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में A+ कैटेगरी को खत्म कर दिया है। इस बदलाव के बाद अब इस कैटेगरी के लिए तीनों फॉर्मेट - टेस्ट, वनडे और टी20 - में खेलने और रैंकिंग की शर्त रखी गई है। इसका मतलब यह है कि खिलाड़ी को सभी फॉर्मेट में सक्रिय रहना होगा और उनकी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग भी महत्वपूर्ण होगी।
इस बदलाव के पीछे मुख्य वजह है खिलाड़ियों की वर्तमान स्थिति और उनके खेलने के फॉर्मेट। रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों ही अब केवल एक फॉर्मेट खेल रहे हैं। वहीं, रवींद्र जडेजा ने टी20 क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। ऐसे में BCCI के सामने A+ कैटेगरी के लिए केवल एक ही मजबूत उम्मीदवार बचता है, जो कि जसप्रीत बुमराह हैं।
जसप्रीत बुमराह भारतीय टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज हैं, जो तीनों फॉर्मेट में सक्रिय हैं और उनकी रैंकिंग भी अच्छी बनी हुई है। इस बदलाव से बुमराह को BCCI के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में शीर्ष स्तर पर जगह मिलने की संभावना बढ़ गई है। इससे उन्हें वित्तीय सुरक्षा के साथ-साथ टीम में अपनी अहमियत भी मिलेगी।
इस बदलाव से भारतीय क्रिकेट टीम के अनुशासन और खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही, युवा खिलाड़ियों को भी यह संदेश मिलेगा कि सभी फॉर्मेट में प्रदर्शन और रैंकिंग दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह जानना जरूरी है कि टीम के स्टार खिलाड़ी जैसे बुमराह को बोर्ड की ओर से उचित सम्मान और समर्थन मिल रहा है।
इस तरह BCCI का यह कदम भारतीय क्रिकेट के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया है, ताकि टीम की मजबूती बनी रहे और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिले।
News Source: : News18 Hindi
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