बिहार सहायक प्रोफेसर भर्ती 2026: आयु सीमा और UGC नियम पर विरोध
सीतामढ़ी में NET, JRF और PhD धारकों ने बिहार सहायक प्रोफेसर भर्ती 2026 की नई नियमावली के खिलाफ बैठक की। उन्होंने UGC 2018 नियम लागू करने और आयु सीमा 55 वर्ष करने की मांग की।
सीतामढ़ी में NET, JRF और PhD धारकों ने बिहार सहायक प्रोफेसर भर्ती 2026 की नई नियमावली के खिलाफ एक बैठक की। इस बैठक में उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के 2018 के नियमों को लागू करने और आयु सीमा को 55 वर्ष तक बढ़ाने की मांग की।
बिहार सरकार द्वारा जारी नई भर्ती नियमावली में सहायक प्रोफेसर पद के लिए आयु सीमा और शैक्षणिक योग्यता को लेकर कुछ सख्त प्रावधान किए गए हैं। इसमें आयु सीमा को कम करने और NET, JRF जैसे योग्यताओं को पूरी तरह मान्यता न देने जैसे कदम शामिल हैं। इससे कई उम्मीदवार प्रभावित हो रहे हैं, खासकर वे जो पहले से ही UGC के पुराने नियमों के तहत पात्र थे।
UGC के 2018 के नियमों के अनुसार, सहायक प्रोफेसर पद के लिए NET और PhD धारकों की आयु सीमा 55 वर्ष तक होनी चाहिए। इस नियम का मकसद शिक्षकों को अधिक समय तक शिक्षण कार्य में सक्षम बनाना है। नई नियमावली में इस सीमा को घटाने से कई अनुभवी शिक्षकों को आवेदन करने से वंचित होना पड़ सकता है, जिससे शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है।
इस बदलाव से बिहार में सहायक प्रोफेसर बनने के इच्छुक कई उम्मीदवारों को नुकसान होगा। NET, JRF और PhD धारकों का मानना है कि सरकार को UGC के मानकों को अपनाना चाहिए ताकि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे। उन्होंने प्रशासन से पुनर्विचार की मांग की है। फिलहाल, इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, यह देखना बाकी है।
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