केंद्रीय बैंकों की सोना खरीद में भारी गिरावट, चीन ने 9 टन सोना खरीदा और रूस ने बेचा
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2026 में केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीद 27 टन से घटकर 5 टन रह गई। चीन ने लगातार 15वें महीने सोना खरीदा है, जबकि रूस ने सोना बेचा है। यह गिरावट अस्थायी मानी जा रही है, क्योंकि भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए बैंक सोना खरीदना जारी रखेंगे।
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वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 में केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीद में काफी कमी आई है। जनवरी में सोने की खरीद मात्र 5 टन रही, जो कि पिछले महीने 27 टन थी। यह गिरावट पिछले कई महीनों की तुलना में काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि चीन ने लगातार 15वें महीने सोना खरीदा है और इस बार उसने लगभग 9 टन सोना खरीदा है। वहीं, रूस ने इस दौरान सोने की बिक्री की है। रूस की यह बिक्री वैश्विक बाजार में सोने की आपूर्ति को प्रभावित कर सकती है।
केंद्रीय बैंकों की सोना खरीद में गिरावट का मतलब यह है कि वे फिलहाल सोने को अपनी रिजर्व संपत्ति के रूप में कम खरीद रहे हैं। सोना पारंपरिक रूप से एक सुरक्षित निवेश माना जाता है और इसे आर्थिक अनिश्चितता के समय में खरीदा जाता है। इस गिरावट को अस्थायी माना जा रहा है क्योंकि भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए केंद्रीय बैंक भविष्य में सोना खरीदना जारी रख सकते हैं।
जब केंद्रीय बैंक सोना कम खरीदते हैं, तो इससे सोने की कीमतों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, चीन की लगातार खरीदारी से बाजार में स्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों और आम लोगों के लिए यह जानकारी महत्वपूर्ण है क्योंकि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव सीधे उनके निवेश और खरीद पर असर डालता है।
कुल मिलाकर, जनवरी 2026 में सोना खरीद में आई यह गिरावट फिलहाल बाजार के लिए एक संकेत है, लेकिन विशेषज्ञ इसे अस्थायी मान रहे हैं। भविष्य में वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों के आधार पर सोने की खरीद फिर से बढ़ सकती है।
News Source: : Jagran
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