गर्भनिरोधक गोलियां और कैंसर: क्या सच में खतरा है?
सोशल मीडिया पर WHO द्वारा गर्भनिरोधक गोलियों को कैंसरजनक बताया जाने का दावा फैल रहा है। इस खबर की सच्चाई और WHO की असली रिपोर्ट के बारे में जानें।
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हाल ही में सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से फैल रही है जिसमें दावा किया जा रहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गर्भनिरोधक गोलियों को कैंसरजनक बताया है। इस खबर ने महिलाओं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच चिंता बढ़ा दी है। लेकिन क्या यह दावा सही है? आइए इस खबर की सच्चाई को समझते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गर्भनिरोधक गोलियों के इस्तेमाल और कैंसर के बीच संबंध पर कई शोधों का अध्ययन किया है। WHO की अंतरराष्ट्रीय एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) ने 2018 में एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें बताया गया था कि कुछ प्रकार के कैंसर, जैसे कि स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर, पर गर्भनिरोधक गोलियों का सीमित प्रभाव हो सकता है। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया कि गोलियों के नियमित और सही इस्तेमाल से कई तरह के कैंसर का खतरा कम हो सकता है, जैसे कि ओवरी और एंडोमेट्रियल कैंसर।
गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल लाखों महिलाएं करती हैं। इसलिए इनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को समझना बेहद जरूरी है। गलत जानकारी फैलने से महिलाओं में डर और भ्रम बढ़ सकता है, जिससे वे अपनी सेहत से जुड़ी सही फैसले लेने में असमर्थ हो सकती हैं। WHO की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि गर्भनिरोधक गोलियां पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हैं, लेकिन उनका सही उपयोग स्वास्थ्य के लिए लाभकारी भी हो सकता है।
जो महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल कर रही हैं, उन्हें बिना डॉक्टर की सलाह के अपने इलाज में बदलाव नहीं करना चाहिए। किसी भी दवा के फायदे और नुकसान को समझने के लिए विशेषज्ञ से संपर्क करना जरूरी है। साथ ही, सोशल मीडिया पर आई ऐसी खबरों को बिना पुष्टि के सच मानना सही नहीं है।
अंत में, गर्भनिरोधक गोलियों और कैंसर के बीच संबंध जटिल है और इसे समझने के लिए वैज्ञानिक अध्ययन और विशेषज्ञों की सलाह अहम है। इसलिए, सही जानकारी के लिए विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करें।
News Source: : AajTak
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