सरकारी स्कूलों में 1 जुलाई से रोज 15 मिनट कविता-कहानी पढ़ाई शुरू

बिहार के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में 1 से 7 जुलाई तक 'पठन पर्व' होगा, जिसमें कक्षा 1 से 3 के बच्चे रोज 15 मिनट कविता और कहानी पढ़ेंगे। अभिभावक भी व्हाट्सएप से जुड़कर सहयोग करेंगे।

बच्चों के लिए special reading time ⏰

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सरकारी स्कूलों में शुरू होगा रोज 15 मिनट कविता-कहानी पढ़ाई

बिहार सरकार ने अपने सरकारी प्राथमिक स्कूलों में 1 जुलाई से एक नया शैक्षणिक पहल शुरू करने का फैसला किया है। इस पहल के तहत कक्षा 1 से 3 तक के बच्चों को रोजाना 15 मिनट कविता और कहानी पढ़ाई जाएगी। यह कार्यक्रम 1 से 7 जुलाई तक 'पठन पर्व' के रूप में मनाया जाएगा।

पठन पर्व का उद्देश्य और महत्व

पठन पर्व का मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाना और उनकी भाषा कौशल को मजबूत करना है। कविता और कहानियां बच्चों के मनोविकास में सहायक होती हैं और उनकी कल्पनाशक्ति को भी बढ़ावा देती हैं। इस पहल से बच्चों के सुनने, समझने और बोलने की क्षमता में सुधार की उम्मीद है।

अभिभावकों की भूमिका

इस कार्यक्रम में अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। वे व्हाट्सएप के माध्यम से स्कूल से जुड़कर बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करेंगे। इससे अभिभावकों को बच्चों की प्रगति पर नजर रखने में मदद मिलेगी और वे घर पर भी बच्चों को प्रोत्साहित कर सकेंगे।

छात्रों और शिक्षकों पर प्रभाव

इस पहल से बच्चों में पढ़ाई के प्रति सकारात्मक रवैया विकसित होगा। शिक्षकों को भी बच्चों को कविता और कहानी पढ़ाने के लिए विशेष सामग्री और प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे कक्षा में पढ़ाई का माहौल और भी बेहतर होगा।

सरकारी स्कूलों में इस तरह के कदम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है, जिससे अंततः बच्चों का समग्र विकास होगा।

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प्रश्न 1: बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों में कब से कविता पढ़ाई शुरू की?

प्रश्न 2: पठन पर्व कब तक मनाया जाएगा?

प्रश्न 3: किस कक्षा के बच्चों को कविता-कहानी पढ़ाई जाएगी?

प्रश्न 4: अभिभावक बच्चों की पढ़ाई में कैसे सहयोग करेंगे?

प्रश्न 5: इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?


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