दम मारो दम गाना सिर्फ आशा भोसले ने गाया, आरडी बर्मन की खास जिद
70 के दशक का मशहूर गाना 'दम मारो दम' आज भी याद किया जाता है। जीनत अमान ने बताया कि कैसे आरडी बर्मन ने इसे सोलो बनाने का फैसला किया था, जिससे यह गाना इतिहास में दर्ज हो गया।
70 के दशक का मशहूर गीत "दम मारो दम" आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है। यह गाना फिल्म "हरे रामा हरे कृष्णा" का हिस्सा था और इसे आशा भोसले ने गाया था। इस गाने की खासियत यह है कि इसे केवल आशा भोसले ने ही गाया था, जबकि आमतौर पर ऐसे गाने में पुरुष और महिला दोनों की आवाजें होती हैं।
जीनत अमान ने हाल ही में बताया कि इस गाने को सोलो यानी अकेले गाने का फैसला खुद आरडी बर्मन ने किया था। आरडी बर्मन चाहते थे कि गाने में केवल आशा भोसले की आवाज हो ताकि उसका असर और भी गहरा हो। उनका यह फैसला गाने की लोकप्रियता में एक बड़ा कारण बना।
आरडी बर्मन की यह खास जिद गाने को एक अलग पहचान दिलाने में सफल रही। "दम मारो दम" का संगीत और लय आज भी युवाओं और संगीत प्रेमियों के बीच पसंद किया जाता है। आशा भोसले की आवाज ने गाने को एक अनोखा रंग दिया, जो अन्य गानों से अलग था।
इस गाने की सफलता ने संगीतकारों और गायकों को यह सिखाया कि कभी-कभी पारंपरिक तरीके से हटकर नया प्रयोग करना फायदेमंद हो सकता है। "दम मारो दम" आज भी पार्टीज, रात्रि समारोहों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बजाया जाता है। इसके अलावा, यह गाना पुराने दौर की यादें ताजा करता है और संगीत की विरासत को जीवित रखता है।
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