धुरंधर 2 में आधी गाली पर दीपक तिजोरी ने सेंसर बोर्ड को घेरा
धुरंधर 2: द रिवेंज की रिलीज के बाद दीपक तिजोरी ने फिल्म की आधी गालियों और सेंसर बोर्ड की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
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हाल ही में रिलीज हुई फिल्म "धुरंधर 2: द रिवेंज" के बाद अभिनेता और निर्माता दीपक तिजोरी ने फिल्म में इस्तेमाल हुई आधी गालियों और सेंसर बोर्ड की कार्रवाई पर अपनी चिंता जताई है। उन्होंने सेंसर बोर्ड की उस नीति पर सवाल उठाए हैं जिसमें केवल कुछ गालियों को ही हटा या बदला गया है, जबकि बाकी गालियों को फिल्म में शामिल रहने की अनुमति दी गई है।
फिल्म की रिलीज के बाद दीपक तिजोरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म की आधी गालियों को सेंसर किया है, जबकि बाकी गालियां बिना किसी बदलाव के फिल्म में शामिल हैं। उन्होंने इस असमान निर्णय को लेकर सेंसर बोर्ड की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। उनका मानना है कि यदि गालियों को सेंसर करना जरूरी है तो सभी गालियों को एक समान तरीके से ही सेंसर किया जाना चाहिए।
सेंसर बोर्ड की यह कार्रवाई फिल्म निर्माताओं और दर्शकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह फिल्म की भाषा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा मामला है। सेंसर बोर्ड की असमान नीति से फिल्म की कहानी और संवादों की प्रभावशीलता प्रभावित हो सकती है। साथ ही, यह मुद्दा फिल्म उद्योग में सेंसरशिप के नियमों और उनके पालन को लेकर भी चर्चा का विषय बनता है।
फिल्म में गालियों के चयन और सेंसरिंग के तरीके से दर्शकों को फिल्म का पूरा अनुभव नहीं मिल पाता। कुछ गालियों को हटाने या बदलने से संवादों की भावनात्मक गहराई कम हो सकती है, जिससे कहानी का प्रभाव कमजोर पड़ सकता है। दीपक तिजोरी की इस बात से यह भी पता चलता है कि फिल्म निर्माताओं को अपनी रचनात्मक स्वतंत्रता को लेकर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस विवाद के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि सेंसर बोर्ड भविष्य में ऐसी मामलों को कैसे संभालेगा और क्या फिल्म निर्माताओं के सुझावों को ध्यान में रखा जाएगा।
News Source: : Navbharat Times
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