देहरादून एक्सप्रेसवे के टॉयलेट 20 दिन में ही कबाड़ बन गए

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 14 अप्रैल 2026 को हुआ था। वादा था 2.5 घंटे में सफर पूरा होगा, लेकिन टॉयलेट 20 दिन में खराब हो गए। एक इंफ्लूएंसर ने इसका वीडियो बनाकर सिविक सेंस की कमी दिखाई।

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देहरादून एक्सप्रेसवे के टॉयलेट 20 दिन में ही खराब

14 अप्रैल 2026 को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हुआ था। इस नए एक्सप्रेसवे को लेकर यात्रियों को 2.5 घंटे में सफर पूरा करने का वादा किया गया था। हालांकि, एक्सप्रेसवे के साथ बने सार्वजनिक टॉयलेटों की स्थिति बहुत जल्दी खराब हो गई है। केवल 20 दिन बाद ही ये टॉयलेट कबाड़ जैसी हालत में पहुंच गए हैं।

क्या है समस्या?

इंफ्रास्ट्रक्चर के हिस्से के रूप में बनाए गए टॉयलेटों की साफ-सफाई और रख-रखाव पर ध्यान नहीं दिया गया। एक सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर ने टॉयलेट की खराब स्थिति का वीडियो बनाया और इसे ऑनलाइन साझा किया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि टॉयलेट में गंदगी, टूटी हुई फिटिंग्स और बदबू जैसी समस्याएं हैं। इस वीडियो ने एक्सप्रेसवे प्रबंधन की सिविक सेंस की कमी को उजागर किया है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए टॉयलेट जैसी सुविधाओं का सही ढंग से काम करना जरूरी होता है। सफाई और रखरखाव की कमी से यात्रियों को असुविधा होती है और यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकता है। इसके अलावा, खराब टॉयलेट एक्सप्रेसवे की छवि को भी प्रभावित करता है।

यात्रियों पर प्रभाव

टॉयलेट की खराब हालत से यात्रियों को सफर के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग मजबूरी में एक्सप्रेसवे छोड़कर दूसरी जगहों पर जाना मजबूर हो रहे हैं। इससे यात्रा का अनुभव खराब होता है और एक्सप्रेसवे की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठते हैं।

अभी तक एक्सप्रेसवे प्रबंधन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। साफ-सफाई और रखरखाव को लेकर जल्द ही सुधार की उम्मीद की जा रही है ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

News Source: : नवभारत टाइम्स

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प्रश्न 1: देहरादून एक्सप्रेसवे के टॉयलेट कितने दिन में खराब हुए?


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