दिल्ली में बिजली के तार जमीन के नीचे, सरकार करेगी 17 हजार करोड़ खर्च

दिल्ली की सड़कों से बिजली के खुले तार हटाकर उन्हें जमीन के नीचे बिछाने के लिए सरकार ने मिशन 2030 शुरू किया है। ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि इस योजना पर 17,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

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दिल्ली में बिजली के तारों का भूमिगतकरण

दिल्ली सरकार ने शहर की सड़कों से बिजली के खुले तार हटाकर उन्हें जमीन के नीचे बिछाने की योजना शुरू की है। इस योजना का नाम 'मिशन 2030' रखा गया है। ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि इस परियोजना पर कुल 17,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

योजना का उद्देश्य और महत्व

दिल्ली में खुले बिजली के तारों की वजह से कई बार दुर्घटनाएं और बिजली कटौती की समस्याएं सामने आती हैं। खुले तारों से सुरक्षा के खतरे के साथ-साथ शहर की सड़कों की सुंदरता भी प्रभावित होती है। इस योजना के तहत बिजली के तारों को जमीन के नीचे बिछाने से न केवल सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि बिजली आपूर्ति भी अधिक स्थिर होगी।

इसका आम जनता पर प्रभाव

जब बिजली के तार भूमिगत होंगे, तो बिजली कटौती कम होने की संभावना बढ़ जाएगी। इससे आवागमन के दौरान बिजली के कारण होने वाली समस्याएं भी कम होंगी। साथ ही, बारिश और तूफान के दौरान तारों के टूटने या गिरने की घटनाएं भी घटेंगी, जिससे बिजली आपूर्ति में बाधा कम होगी।

सरकार का यह कदम दिल्ली के नागरिकों के लिए बेहतर और सुरक्षित बिजली सेवा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

News Source: : अमर उजाला

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प्रश्न 1: दिल्ली में बिजली के तारों को कहाँ बिछाया जाएगा?


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