केदारनाथ में वीआईपी दर्शन बंद करने की तीर्थपुरोहितों ने मांग
केदारनाथ में तीर्थपुरोहितों ने वीआईपी सिस्टम और गेट बंद करने की मांग की, ताकि आम श्रद्धालुओं को दर्शन में आसानी हो। प्रदर्शन के बाद मामला शांत हुआ।
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उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल केदारनाथ में तीर्थपुरोहितों ने वीआईपी दर्शन व्यवस्था को बंद करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस व्यवस्था के कारण आम श्रद्धालुओं को दर्शन में परेशानी होती है और वे मंदिर के दर्शन का पूरा लाभ नहीं उठा पाते।
वीआईपी दर्शन व्यवस्था के तहत कुछ विशेष व्यक्तियों को मंदिर के दर्शन के लिए अलग से सुविधा दी जाती है। इसके लिए एक अलग गेट और व्यवस्था होती है, जिससे ये लोग भीड़ से बचकर जल्दी दर्शन कर लेते हैं। तीर्थपुरोहितों का मानना है कि इससे आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन का समय कम हो जाता है और वे लंबे समय तक इंतजार करते हैं।
तीर्थपुरोहित मंदिर में पूजा-अर्चना और धार्मिक व्यवस्थाओं के जिम्मेदार होते हैं। उनका कहना है कि मंदिर का दर्शन सभी श्रद्धालुओं के लिए समान होना चाहिए। वीआईपी व्यवस्था से मंदिर में असमानता बढ़ती है और यह धार्मिक भावना के खिलाफ है। इस कारण उन्होंने प्रशासन से इस व्यवस्था को बंद करने की मांग की है।
तीर्थपुरोहितों ने इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन भी किया, जिसमें उन्होंने जोर देकर कहा कि मंदिर में सभी श्रद्धालुओं को बराबर अवसर मिलना चाहिए। प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया और दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर मामला शांत हुआ। फिलहाल, प्रशासन इस व्यवस्था पर पुनर्विचार कर रहा है।
यदि वीआईपी दर्शन व्यवस्था बंद होती है, तो आम श्रद्धालुओं को मंदिर में दर्शन के लिए अधिक समय और सुविधा मिलेगी। इससे मंदिर में दर्शन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समान होगी। वहीं, प्रशासन को भी दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नए उपाय करने होंगे ताकि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा बनी रहे।
इस मामले में आगे प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, यह देखना बाकी है। फिलहाल तीर्थपुरोहितों की मांग ने मंदिर दर्शन व्यवस्था पर नई बहस शुरू कर दी है।
News Source: : Live Hindustan
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