हाथरस में डेंगू का खतरा अभी भी बरकरार, सावधानी जरूरी
हाथरस में मौसम बदलने और लापरवाही के कारण डेंगू जैसे मच्छर जनित रोगों का खतरा कम नहीं हुआ है। सावधानी बरतना जरूरी है।
© Image credit: : Amar Ujala
हाथरस में मौसम के बदलाव और लोगों की लापरवाही के कारण डेंगू बुखार का खतरा अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पिछले कुछ दिनों में बारिश के बाद मच्छरों की संख्या बढ़ गई है, जिससे डेंगू फैलने की संभावना अधिक बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
डेंगू मच्छर जनित रोग है, जो मुख्य रूप से पानी जमा होने वाले स्थानों में पनपने वाले मच्छरों से फैलता है। इसलिए घर और आस-पास के क्षेत्रों में पानी जमा न होने दें। पुराने टायर, गमले, बाल्टी और अन्य स्थानों में पानी जमा रहने से मच्छर पनपते हैं। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाली दवाओं का इस्तेमाल करें।
हाथरस के स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के मामलों पर नजर बनाए रखी है और आवश्यक कदम उठाए हैं। उन्होंने सफाई अभियान तेज कर दिया है और मच्छर नियंत्रण के लिए स्प्रे किया जा रहा है। इसके बावजूद, जनता की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे स्वयं सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध लक्षण जैसे तेज बुखार, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द आदि पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
डेंगू बुखार गंभीर हो सकता है और यदि समय पर इलाज न हो तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसलिए बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। सावधानी और जागरूकता से ही हम इस खतरे को कम कर सकते हैं।
इसलिए हाथरस के नागरिकों से अपील की गई है कि वे डेंगू से बचाव के नियमों का पालन करें और अपने आसपास साफ-सफाई रखें ताकि मच्छरजनित रोगों से बचा जा सके।
News Source: : Amar Ujala
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