सहरोय गोयड़ा में डांड खोदाई से बिजली पोल पर खतरा

शंभुगंज के छतहार पंचायत में खेती के लिए डांड खोदाई से सड़क के पास बिजली पोल खतरे में आ गया है।

प्रभात खबर

© Image credit: : प्रभात खबर


सहरोय गोयड़ा में डांड खोदाई से बिजली पोल पर खतरा

शंभुगंज के छतहार पंचायत में हाल ही में खेती के लिए डांड खोदाई की गई है, जिसके कारण सड़क के पास लगे बिजली पोल की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों ने इस मामले को लेकर चिंता जताई है कि अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो बिजली पोल गिरने का खतरा बढ़ सकता है।

क्या है डांड खोदाई और इसका प्रभाव?

डांड खोदाई का मतलब खेतों की सिंचाई या खेती के लिए मिट्टी खोदना होता है। इस प्रक्रिया में अक्सर जमीन की सतह पर गड्ढे बन जाते हैं, जिससे आसपास की संरचनाओं जैसे बिजली पोल, सड़कें और अन्य बुनियादी ढांचे प्रभावित हो सकते हैं। छतहार पंचायत के सहरोय गोयड़ा क्षेत्र में हुई खोदाई के कारण सड़क के किनारे लगे बिजली पोल की नींव कमजोर हो गई है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

बिजली पोल की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है क्योंकि यदि पोल गिरता है तो न केवल बिजली आपूर्ति बाधित होगी, बल्कि इससे लोगों की जान-माल को भी खतरा हो सकता है। इसके अलावा, पोल गिरने से सड़क पर आवागमन भी प्रभावित हो सकता है, जिससे स्थानीय जनता को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

स्थानीय लोगों और अधिकारियों की भूमिका

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि वे जल्द से जल्द इस खतरे को देखते हुए बिजली पोल की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाएं। साथ ही, खेती के लिए डांड खोदाई करते समय पर्यावरण और आसपास के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। प्रशासन को भी इस मामले में सतर्क रहकर जल्द समाधान निकालना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।

इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि खेती के लिए की गई गतिविधियां अगर सावधानी से नहीं की जाएं तो वे आसपास के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए, सभी संबंधित पक्षों को मिलकर इस समस्या का समाधान निकालना आवश्यक है।

News Source: : प्रभात खबर

🧠 SHORGUL Educational Quiz

प्रश्न 1: सहरोय गोयड़ा में डांड खोदाई से क्या खतरा है?


Please LOGIN to Message 🔒

Conversation:-

और भी



Advertisements