हड्डियों की मजबूती जानें आंखों के टेस्ट से, नई स्टडी में खुलासा
नई स्टडी के मुताबिक आंखों के रेटिना टेस्ट से हड्डियों की कमजोरी और ऑस्टियोपोरोसिस का पता लगाया जा सकता है। रेटिना की उम्र बढ़ने पर बोन मिनरल डेंसिटी कम होती है।
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हाल ही में एक नई स्टडी में यह पता चला है कि आंखों के रेटिना टेस्ट से हड्डियों की कमजोरी और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। इस अध्ययन के अनुसार, रेटिना की उम्र बढ़ने के साथ-साथ बोन मिनरल डेंसिटी यानी हड्डियों की खनिज मात्रा कम होती है, जिससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं।
ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें हड्डियां कमजोर और भंगुर हो जाती हैं, जिससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। पारंपरिक तरीकों से हड्डियों की मजबूती जांचना महंगा और जटिल हो सकता है। इस नई खोज से आंखों के रेटिना टेस्ट को एक आसान और कम खर्चीला तरीका माना जा रहा है, जिससे शुरुआती स्तर पर ही हड्डियों की कमजोरी का पता चल सकेगा।
इस स्टडी के आधार पर भविष्य में डॉक्टर रेटिना की जांच के जरिए हड्डियों की स्थिति का भी आकलन कर सकेंगे। इससे मरीजों को समय रहते सही इलाज मिल सकेगा और हड्डियों के टूटने जैसे गंभीर परिणामों से बचाव संभव होगा। खासकर बुजुर्ग और जो लोग हड्डियों की कमजोरी के जोखिम में हैं, उनके लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
हालांकि अभी यह तरीका पूरी तरह से क्लिनिकल इस्तेमाल में नहीं आया है, लेकिन इसके सफल परिणाम आने पर यह हड्डियों की जांच का एक नया और प्रभावी माध्यम बन सकता है।
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