मार्च में FPI ने निकाले ₹52704 करोड़, भारतीय शेयर बाजार में दबाव
मार्च के पहले 15 दिनों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय शेयर बाजार से ₹52704 करोड़ निकाले। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और दक्षिण कोरिया, ताइवान व चीन के आकर्षक बाजारों के कारण यह सेलिंग शॉर्ट टर्म के लिए मानी जा रही है।
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मार्च के पहले पंद्रह दिनों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय शेयर बाजार से कुल ₹52704 करोड़ की निकासी की है। यह आंकड़ा निवेशकों के बीच बेचैनी और वैश्विक आर्थिक माहौल में अस्थिरता को दर्शाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और दक्षिण कोरिया, ताइवान तथा चीन जैसे देशों के बाजारों में निवेश के बेहतर अवसरों के कारण एफपीआई ने भारतीय बाजार से पैसों को बाहर निकाला है। यह निकासी मुख्य रूप से शॉर्ट टर्म निवेश के तौर पर देखी जा रही है।
एफपीआई की इतनी बड़ी निकासी से भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बना है। विदेशी निवेशकों के बाहर जाने से बाजार में तरलता कम होती है, जिससे शेयरों की कीमतों में गिरावट आ सकती है। इससे निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ती है और बाजार की स्थिरता प्रभावित हो सकती है।
एफपीआई की निकासी से घरेलू निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है, इसलिए निवेशकों को अपने निवेश निर्णय सोच-समझकर लेने चाहिए। साथ ही, यह स्थिति भारतीय आर्थिक नीतियों और वैश्विक घटनाक्रम पर भी नजर बनाए रखने की आवश्यकता को दर्शाती है।
कुल मिलाकर, मार्च की शुरुआत में एफपीआई की निकासी भारतीय शेयर बाजार के लिए एक चुनौती है, लेकिन यह स्थिति अस्थायी भी हो सकती है। बाजार की स्थिरता के लिए घरेलू निवेश और आर्थिक सुधारों पर ध्यान देना जरूरी होगा।
News Source: : Moneycontrol Hindi
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