फ्रांस ने अमेरिकी टेक पर लगाया बड़ा ब्रेक, Linux अपनाया
राष्ट्रपति मैक्रों की सरकार ने सरकारी कंप्यूटरों से Microsoft Windows हटाकर Linux ऑपरेटिंग सिस्टम लागू करने का फैसला किया।
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फ्रांस सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए अपने सभी सरकारी कंप्यूटरों से Microsoft Windows ऑपरेटिंग सिस्टम को हटाकर Linux ऑपरेटिंग सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। यह कदम राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार द्वारा टेक्नोलॉजी क्षेत्र में स्वतंत्रता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
फ्रांस सरकार ने Microsoft Windows के स्थान पर ओपन सोर्स Linux ऑपरेटिंग सिस्टम को अपनाने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि अब फ्रांस के सरकारी कार्यालयों और विभागों में कंप्यूटरों पर Windows नहीं चलेगा बल्कि Linux आधारित सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल होगा। यह बदलाव धीरे-धीरे लागू किया जाएगा और इसमें सुरक्षा, लागत और नियंत्रण जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा गया है।
यह फैसला फ्रांस के लिए तकनीकी स्वतंत्रता का संकेत है। Microsoft Windows एक अमेरिकी कंपनी का उत्पाद है, जबकि Linux एक ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म है जिसे दुनिया भर के डेवलपर्स मिलकर विकसित करते हैं। इससे फ्रांस को अपने डेटा और सूचना सुरक्षा पर बेहतर नियंत्रण मिलेगा। साथ ही, ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर होने के कारण लागत में भी कमी आएगी और सरकार को किसी एक कंपनी पर निर्भर रहने से बचाया जाएगा।
सरकारी कर्मचारियों को नई प्रणाली के अनुसार काम करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। Linux पर काम करने के लिए कुछ नए टूल और एप्लिकेशन सीखने होंगे, लेकिन इससे उनकी कार्यक्षमता में सुधार हो सकता है। इसके अलावा, यह बदलाव फ्रांस की साइबर सुरक्षा को मजबूत करेगा और विदेशी तकनीकी कंपनियों पर निर्भरता कम करेगा।
कुल मिलाकर, फ्रांस का यह कदम टेक्नोलॉजी में स्वदेशी और स्वतंत्र विकल्पों को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
News Source: : News18 Hindi
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