अधिक मास पूर्णिमा पर वैनगंगा तट पर भव्य गंगा आरती और दीपदान

अधिक मास पूर्णिमा के दिन भंडारा के वैनगंगा नदी तट पर सैकड़ों दीपों से गंगा आरती और दीपदान का भव्य आयोजन हुआ।

आस्था का powerful पल 🔥

आस्था का powerful पल 🔥

Ad 4

अधिक मास पूर्णिमा पर वैनगंगा तट पर गंगा आरती का भव्य आयोजन

अधिक मास पूर्णिमा के पावन अवसर पर भंडारा जिले के वैनगंगा नदी तट पर एक भव्य गंगा आरती और दीपदान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर नदी के किनारे दीप जलाकर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किया।

क्या है अधिक मास पूर्णिमा?

अधिक मास को हिंदू पंचांग में एक विशेष मास माना जाता है, जो लगभग हर तीन साल में आता है। इसे धार्मिक दृष्टि से बहुत शुभ माना जाता है और इस दौरान किए गए पूजा-पाठ और धार्मिक क्रियाकलापों का विशेष महत्व होता है। इस बार अधिक मास पूर्णिमा के दिन वैनगंगा नदी के तट पर गंगा आरती का आयोजन किया गया, जो स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक अनुभव रहा।

इस आयोजन का महत्व

गंगा आरती और दीपदान का आयोजन धार्मिक आस्था को मजबूत करता है और लोगों को एक साथ आने का अवसर प्रदान करता है। वैनगंगा नदी के तट पर यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को भी जीवित रखता है। दीपों की रोशनी से सजा यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए मन को शांति देने वाला अनुभव था।

स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं पर प्रभाव

इस भव्य आयोजन में भाग लेने वाले लोगों ने कहा कि इस तरह के धार्मिक कार्यक्रम समाज में एकता और सद्भावना को बढ़ावा देते हैं। दीपदान और आरती से लोगों को आध्यात्मिक शांति मिलती है और वे अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा महसूस करते हैं। इसके अलावा, यह आयोजन स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा देता है, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।

अधिक मास पूर्णिमा पर वैनगंगा तट पर हुई यह गंगा आरती और दीपदान की भव्य शाम धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से एक यादगार आयोजन साबित हुई।

Download : Educational Quiz App

🧠 SHORGUL Educational Quiz

प्रश्न 1: अधिक मास पूर्णिमा कितने वर्षों में आती है?


ITRSP - Right Study Plan
Please LOGIN to Message 🔒

Conversation:-

और भी