मलक्का से होर्मुज तक पैक्स इंडिका की अहमियत बढ़ी
राजेंद्र चोल ने लकड़ी के जहाजों से मलक्का खोल दिया था, आज अमेरिका के एफ-35 और विमानवाहक पोत भी होर्मुज नियंत्रण में संघर्ष कर रहे हैं।
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भारत और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा और सामरिक स्थिरता के लिए पैक्स इंडिका का महत्व लगातार बढ़ रहा है। मलक्का जलडमरूमध्य से लेकर होर्मुज तक का क्षेत्र आज वैश्विक रणनीति का केंद्र बन गया है। यह क्षेत्र व्यापार और ऊर्जा के लिए बेहद जरूरी है, इसलिए यहां की सुरक्षा को लेकर कई देशों की निगाहें टिकी हैं।
पैक्स इंडिका एक ऐसा रणनीतिक माहौल है जिसमें भारत और उसके पड़ोसी देश मिलकर क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने का प्रयास करते हैं। यह अवधारणा खासतौर पर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन और अमेरिका के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच उभरी है। राजेंद्र चोल जैसे प्राचीन शासकों ने लकड़ी के जहाजों से मलक्का जलडमरूमध्य को खोलकर व्यापार मार्गों को सुरक्षित बनाया था। आज उसी क्षेत्र में आधुनिक युद्धक विमान और विमानवाहक पोत सक्रिय हैं।
मलक्का और होर्मुज जैसे जलडमरूमध्य विश्व के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में आते हैं। यहां से दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल और अन्य जरूरी वस्तुएं गुजरती हैं। इसलिए इन मार्गों पर नियंत्रण रखने वाले देशों की रणनीतिक स्थिति मजबूत होती है। अमेरिका के एफ-35 लड़ाकू विमान और विमानवाहक पोत भी इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी से अपनी ताकत दिखा रहे हैं।
इस क्षेत्र की स्थिरता सीधे तौर पर वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार पर असर डालती है। भारत जैसे देश जो इन जलमार्गों पर निर्भर हैं, उनके लिए यह जरूरी है कि क्षेत्र में शांति बनी रहे। पैक्स इंडिका की मजबूती से समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति में बाधा कम होगी, जिससे आर्थिक विकास को बल मिलेगा।
अंततः मलक्का से होर्मुज तक का क्षेत्र आज भी रणनीतिक महत्व रखता है और पैक्स इंडिका की अवधारणा इस क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रही है।
News Source: : Live Hindustan
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