हनुमान जी आरती कैसे करें और आरती के बोल हिंदी में
2 अप्रैल को पूरे देश में हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन बजरंगबली की पूजा के बाद आरती की जाती है। जानिए हनुमान आरती करने की विधि और उसके लिरिक्स।
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हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर 2 अप्रैल को पूरे देश में हनुमान जी की पूजा और आरती की जाती है। आरती भगवान हनुमान को समर्पित एक धार्मिक अनुष्ठान है, जिसमें दीपक जलाकर भक्ति भाव से उनका स्मरण किया जाता है। हनुमान जी की आरती करने के लिए सबसे पहले साफ-सफाई कर मंदिर या पूजा स्थल को सजाना चाहिए। फिर भगवान हनुमान की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीपक, अगरबत्ती, फूल और प्रसाद रखें।
आरती के दौरान दीपक को हाथ में लेकर भगवान के सामने घुमाएं और साथ ही आरती के बोल गाएं। आरती के बाद भगवान को प्रसाद अर्पित करें और भक्तिभाव से प्रार्थना करें।
हनुमान जी की आरती के बोल सरल और अर्थपूर्ण होते हैं। आरती के मुख्य शब्द हैं- "जय हनुमान ज्ञान गुन सागर, जय कपीस तिहुँ लोक उजागर"। इस आरती में हनुमान जी की शक्तियों, भक्ति और उनके कारनामों का वर्णन होता है। आरती के बोल हिंदी में होने से सभी भक्त आसानी से इसे समझकर गा सकते हैं।
हनुमान जन्मोत्सव पर सही तरीके से आरती करना धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। इससे भक्तों को भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करने का मौका मिलता है। साथ ही, आरती के बोल जानने से पूजा का अनुभव और भी गहरा होता है। यह जानकारी खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो पहली बार हनुमान जी की आरती करना चाहते हैं।
हनुमान आरती की विधि और उसके बोल जानने से भक्तों को पूजा में सुविधा होगी। वे सही मंत्र और तरीके से आरती कर सकेंगे, जिससे उनकी भक्ति और मनोबल बढ़ेगा। इसके अलावा, यह जानकारी धार्मिक आयोजनों और सामूहिक पूजा में भी मददगार साबित होगी।
News Source: : Asianet News Hindi
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