नेतृत्व क्षमता बढ़ाने में नियमित एनएसएस शिविरों का महत्व
मुजफ्फरपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की गतिविधियां बंद होने से छात्रों के सेवा कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कॉलेजों को मिलने वाले एनएसएस फंड में कमी के कारण कार्यक्रम आयोजित नहीं हो पा रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन को इस समस्या पर ध्यान देना जरूरी है।
स्रोत: : Live Hindustan
मुजफ्फरपुर के कॉलेजों में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की गतिविधियां बंद होने से छात्रों के सेवा कार्य प्रभावित हो रहे हैं। एनएसएस शिविरों के आयोजन में कमी के कारण छात्रों को नेतृत्व क्षमता विकसित करने का मौका भी कम मिल रहा है।
एनएसएस के लिए कॉलेजों को मिलने वाले फंड में हाल ही में कमी आई है। इस वित्तीय तंगी के चलते नियमित शिविरों का आयोजन नहीं हो पा रहा है। इसके परिणामस्वरूप, छात्र सामाजिक सेवा के साथ-साथ टीम वर्क और नेतृत्व कौशल सीखने से वंचित हो रहे हैं।
एनएसएस शिविर छात्रों को समाज सेवा के माध्यम से नेतृत्व क्षमता विकसित करने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं। नियमित शिविरों के आयोजन से छात्रों में सामाजिक जिम्मेदारी, संगठन कौशल और समस्याओं को सुलझाने की क्षमता बढ़ती है। इससे उनकी व्यक्तिगत और पेशेवर जिंदगी में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
शिविरों के बंद होने से छात्रों की सक्रिय भागीदारी कम हो रही है। इससे उनकी सामाजिक जागरूकता और नेतृत्व कौशल पर नकारात्मक असर पड़ता है। साथ ही, विश्वविद्यालय की सामाजिक प्रतिबद्धता और छात्र विकास की दिशा में भी यह एक बड़ा नुकसान है।
विश्वविद्यालय प्रशासन को चाहिए कि वह इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए एनएसएस फंड की उपलब्धता सुनिश्चित करे। साथ ही, छात्रों के लिए नियमित और प्रभावी शिविरों का आयोजन कर उनकी सेवा भावना और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा दिया जाए। इससे न केवल छात्रों का विकास होगा, बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
स्रोत: : Live Hindustan
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