होर्मुज जलडमरूमध्य में टोल वसूली पर ईरान-ओमान की योजना
ईरान और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से सेवा शुल्क लेने पर चर्चा कर रहे हैं। अमेरिका ने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया है।
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ईरान और ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से सेवा शुल्क लेने की योजना पर चर्चा शुरू कर दी है। यह जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से विश्व तेल का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। दोनों देशों का कहना है कि यह शुल्क उनके क्षेत्रीय जल और सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
होर्मुज जलडमरूमध्य से हर दिन लाखों बैरल तेल गुजरता है, जो विश्व की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम है। यदि ईरान और ओमान इस मार्ग पर गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूल करते हैं, तो इससे तेल की कीमतों और वैश्विक व्यापार पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, यह कदम अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों और नियमों के तहत विवादास्पद माना जा सकता है।
अमेरिका ने इस योजना को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया है और इसे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ाने वाला कदम माना है। अमेरिका का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है, जहां किसी भी देश को बिना सहमति के टोल वसूलने का अधिकार नहीं है। इस विवाद के कारण क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति पर भी असर डाल सकता है।
अगर यह योजना लागू होती है, तो तेल और अन्य समुद्री माल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। इससे उपभोक्ताओं को महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। व्यापारिक जहाजों के लिए भी यह अतिरिक्त खर्च बढ़ाएगा, जो अंततः वैश्विक बाजारों में कीमतों को प्रभावित करेगा।
इस मामले में आगे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि यह योजना क्षेत्रीय और वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बन सकती है।
News Source: : Jagran
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