ईरान में IRGC ने सत्ता पर किया कब्जा, राष्ट्रपति की कोशिश फेल
ईरान के राष्ट्रपति ने नए खुफिया मंत्री को नियुक्त करने की कोशिश की थी, लेकिन IRGC के चीफ कमांडर अहमद वाहिदी के हस्तक्षेप ने इसे रोक दिया।
© Image credit: : ABP News
ईरान में हाल ही में एक अहम राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है, जहां इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सत्ता पर अपना प्रभाव बढ़ा दिया है। राष्ट्रपति की ओर से नए खुफिया मंत्री की नियुक्ति की कोशिश को IRGC के चीफ कमांडर अहमद वाहिदी ने रोक दिया। यह घटना ईरानी राजनीतिक व्यवस्था में सैन्य और सुरक्षा बलों के बढ़ते दखल को दर्शाती है।
ईरान के राष्ट्रपति ने हाल ही में एक नए खुफिया मंत्री को नियुक्त करने का प्रयास किया था। लेकिन IRGC के प्रमुख कमांडर अहमद वाहिदी ने इस नियुक्ति को रोक दिया। IRGC की यह कार्रवाई सीधे राष्ट्रपति की राजनीतिक योजना को चुनौती देती है और यह स्पष्ट करती है कि देश के सुरक्षा निकायों का राजनीतिक निर्णयों पर गहरा प्रभाव है।
IRGC का सत्ता पर प्रभाव बढ़ना ईरान की राजनीतिक स्थिरता और निर्णय प्रक्रिया पर असर डाल सकता है। राष्ट्रपति की कोशिशों को विफल करना यह दिखाता है कि सुरक्षा बलों का राजनीतिक क्षेत्र में कितना नियंत्रण है। यह स्थिति देश की आंतरिक राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी असर डाल सकती है, खासकर जब ईरान की विदेश नीति और सुरक्षा रणनीतियों की बात आती है।
इस बदलाव का असर सीधे तौर पर ईरानी जनता पर पड़ सकता है। जब सैन्य और खुफिया संस्थान राजनीतिक निर्णयों में अधिक सक्रिय हो जाते हैं, तो इससे नागरिक स्वतंत्रता और राजनीतिक स्वतंत्रता पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, देश की आर्थिक और सामाजिक नीतियों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है, जो आम जनता के जीवन को प्रभावित कर सकता है।
कुल मिलाकर, IRGC का सत्ता पर बढ़ता प्रभाव ईरान की राजनीतिक दिशा को नया रूप दे रहा है, जिसे ध्यान से देखना जरूरी होगा।
News Source: : ABP News
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