झारखंड हाईकोर्ट बोकारो लापता युवती मामले में डीजीपी से जवाब मांग
झारखंड हाईकोर्ट ने बोकारो की लापता युवती मामले में डीजीपी से कंकाल के डीएनए टेस्ट में देरी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। कोर्ट ने जांच की धीमी गति पर नाराजगी जताई और सभी अधिकारियों को तलब किया। एसआईटी की जांच पर सवाल उठते हुए सीबीआई जांच की संभावना जताई गई।
© Image credit: : प्रभात खबर
झारखंड हाईकोर्ट ने बोकारो की लापता युवती के मामले में डीजीपी से कंकाल के डीएनए टेस्ट में हो रही देरी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कोर्ट ने जांच की धीमी गति को लेकर नाराजगी जताई और मामले की जांच में संलिप्त सभी अधिकारियों को तलब किया है।
बोकारो की एक युवती कुछ समय पहले लापता हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। हाल ही में एक कंकाल मिला है, जिसका डीएनए टेस्ट युवती की पहचान के लिए जरूरी है। लेकिन इस टेस्ट में लगातार देरी हो रही है, जिससे मामले की जांच प्रभावित हो रही है।
हाईकोर्ट ने इस देरी को गंभीरता से लिया है और डीजीपी से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने कहा कि जांच में देरी से न केवल न्याय मिलने में बाधा आती है, बल्कि पीड़ित परिवार को भी मानसिक कष्ट होता है। इसके अलावा कोर्ट ने एसआईटी की जांच पर भी सवाल उठाए हैं और कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने पर भी विचार किया जा सकता है।
इस मामले में जांच की धीमी गति से जनता में असंतोष बढ़ रहा है। पीड़ित परिवार न्याय पाने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहा है। हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी से उम्मीद जताई जा रही है कि जांच में तेजी आएगी और मामले का जल्द समाधान होगा। साथ ही, सीबीआई जांच की संभावना से यह साफ होता है कि कोर्ट मामले को गंभीरता से देख रहा है।
इस प्रकार, झारखंड हाईकोर्ट की कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि न्याय व्यवस्था मामले की जांच में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगी और जल्द से जल्द सच सामने लाने के लिए कदम उठाएगी।
News Source: : प्रभात खबर
Continue with Google
Advertisements