झारखंड हाईकोर्ट ने सिविल कोर्टों में वर्चुअल सुनवाई का आदेश दिया

झारखंड हाईकोर्ट ने ईंधन संकट के कारण सभी सिविल कोर्टों में मुकदमों की सुनवाई हाइब्रिड मोड में करने और जजों के लिए कार-पूलिंग को बढ़ावा देने का निर्देश दिया है।

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झारखंड हाईकोर्ट ने सिविल कोर्टों में वर्चुअल सुनवाई का आदेश दिया

झारखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में सभी सिविल कोर्टों में मुकदमों की सुनवाई हाइब्रिड मोड यानी वर्चुअल और फिजिकल दोनों तरीकों से करने का आदेश जारी किया है। यह कदम मुख्य रूप से देश में बढ़ते ईंधन संकट को देखते हुए लिया गया है। कोर्ट ने जजों के लिए कार-पूलिंग को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं ताकि ईंधन की बचत हो सके और कोर्ट कार्य निरंतर जारी रह सके।

यह अपडेट क्या है?

झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के सभी सिविल कोर्टों में मुकदमों की सुनवाई के लिए हाइब्रिड मोड को अनिवार्य कर दिया है। इसका मतलब है कि अब सुनवाई ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी हो सकेगी, साथ ही जरूरत पड़ने पर फिजिकल कोर्ट में भी मुकदमे की सुनवाई जारी रहेगी। इसके अलावा, कोर्ट ने जजों और कोर्ट स्टाफ के बीच कार-पूलिंग को प्रोत्साहित करने के लिए भी कदम उठाए हैं।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

देश में ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि और सप्लाई की कमी के कारण यात्रा करना महंगा और मुश्किल हो गया है। कोर्ट की कार्यवाही में बाधा न आए इसलिए यह फैसला लिया गया है। हाइब्रिड सुनवाई से जज और वकील दोनों की यात्रा कम होगी, जिससे ईंधन की बचत होगी और कोर्ट के कामकाज में तेजी आएगी। साथ ही, कार-पूलिंग से पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

इसका उपयोगकर्ताओं पर प्रभाव

इस नए आदेश से वकील, जज और कोर्ट स्टाफ को कोर्ट आने-जाने में आसानी होगी। मुकदमों की सुनवाई में देरी कम होगी क्योंकि वर्चुअल सुनवाई से समय की बचत होगी। आम जनता के लिए भी यह सुविधाजनक रहेगा क्योंकि वे दूर बैठे हुए भी अपने मामलों की सुनवाई देख सकेंगे। इस प्रकार, न्याय प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी और सुगम बनेगी।

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प्रश्न 1: झारखंड हाईकोर्ट ने किस मोड में सुनवाई का आदेश दिया?


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