खोर्रमशहर-4 मिसाइलें इजरायल की 7 परतों वाली एयर डिफेंस सिस्टम को पार कर पहुंचीं
ईरान की IRGC ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के 19वें चरण में खोर्रमशहर-4 मिसाइलें दागीं, जो तेल अवीव, बेन गुरियन एयरपोर्ट और इजरायली एयर फोर्स बेस पर सीधे निशाना बनीं। ये मिसाइलें इजरायल की मजबूत एयर डिफेंस को भेदने में सफल रहीं। इससे पहले 18वें चरण में अमेरिका के 20 सैन्य ठिकानों पर भी हमला किया गया था।
स्रोत: : AajTak
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस के 19वें चरण में खोर्रमशहर-4 मिसाइलों का इस्तेमाल किया। ये मिसाइलें सीधे तेल अवीव, बेन गुरियन एयरपोर्ट और इजरायली एयर फोर्स के बेस पर दागी गईं। खास बात यह है कि ये मिसाइलें इजरायल की सात परतों वाली एयर डिफेंस सिस्टम को पार कर गईं, जो कि सुरक्षा के लिहाज से काफी मजबूत मानी जाती है।
खोर्रमशहर-4 मिसाइलें ईरान की नई तकनीक से लैस हैं, जो लंबी दूरी तक निशाना साधने में सक्षम हैं। ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस के इस चरण में IRGC ने इन मिसाइलों का इस्तेमाल कर इजरायली सुरक्षा तंत्र को चुनौती दी है। इससे पहले 18वें चरण में अमेरिका के 20 सैन्य ठिकानों पर भी हमला किया गया था।
इजरायल की एयर डिफेंस सिस्टम को पार करना एक गंभीर सुरक्षा चुनौती है। इजरायल ने अपने देश की सुरक्षा के लिए कई परतों वाली एयर डिफेंस तंत्र विकसित किया है, जिसमें मिसाइल रोकने के लिए कई तकनीक शामिल हैं। खोर्रमशहर-4 मिसाइलों का इस सिस्टम को भेदना यह दर्शाता है कि ईरान की मिसाइल क्षमताएं तेजी से बढ़ रही हैं। यह क्षेत्रीय सुरक्षा और रणनीतिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है।
इस घटना के बाद इजरायल में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है। तेल अवीव और आसपास के इलाकों में आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसके अलावा, यह घटना मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा सकती है, जिससे आम जनता की जिंदगी प्रभावित हो सकती है।
इस प्रकार, ईरान के इस नए मिसाइल हमले ने क्षेत्रीय राजनीति और सुरक्षा की दिशा को प्रभावित किया है, जो आने वाले दिनों में और चर्चा का विषय बनेगा।
स्रोत: : AajTak
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