बिहारी लाल की KRBL कंपनी बनी बासमती चावल की बड़ी सफलता
1889 में पाकिस्तान में शुरू हुई इंडिया गेट बासमती की नींव, बंटवारे के बाद भारत में बिहारी लाल ने KRBL को हजारों करोड़ की कंपनी बनाया। इजरायल-ईरान तनाव से मध्य पूर्व में निर्यात पर असर पड़ रहा है।
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1889 में पाकिस्तान में शुरू हुई इंडिया गेट बासमती चावल की नींव के बाद, विभाजन के समय बिहारी लाल ने भारत में KRBL कंपनी की स्थापना की। धीरे-धीरे इस कंपनी ने बासमती चावल के क्षेत्र में अपनी खास पहचान बनाई और हजारों करोड़ रुपये की कंपनी बनकर उभरी। KRBL ने भारतीय बासमती चावल को विश्व स्तर पर एक अलग मुकाम दिया है।
हाल ही में मध्य पूर्व में इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण KRBL के निर्यात पर असर पड़ा है। मध्य पूर्व KRBL के लिए एक बड़ा निर्यात बाजार है, जहां बासमती चावल की मांग काफी अधिक है। इस क्षेत्र में सुरक्षा और राजनीतिक अस्थिरता के चलते निर्यात में कुछ बाधाएं आई हैं, जिससे कंपनी की बिक्री प्रभावित हुई है।
KRBL की सफलता भारतीय कृषि और खाद्य निर्यात के लिए गर्व की बात है। हालांकि, मध्य पूर्व के तनाव के कारण निर्यात में कमी आने से किसानों और निर्यातकों दोनों को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इससे बासमती चावल की कीमतों और उपलब्धता पर भी असर पड़ सकता है, जो उपभोक्ताओं तक पहुंचता है।
कंपनी और सरकार दोनों इस स्थिति को संभालने के लिए वैकल्पिक बाजारों की तलाश कर रहे हैं ताकि निर्यात को स्थिर रखा जा सके। इस बीच, उपभोक्ताओं को भी बासमती चावल की कीमतों में बदलाव के लिए तैयार रहना होगा।
News Source: : Jagran
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