मक्का की खेती से किसानों को लाखों की आमदनी, अररिया में बदली किसान की किस्मत
बिहार के अररिया जिले में मक्का की खेती किसानों के लिए लाभ का जरिया बन रही है। रानीगंज प्रखंड के काला बलुआ गांव के किसान रंजीत कुमार ने इस सीजन में 5 एकड़ में मक्का की खेती की है। उन्होंने बताया कि प्रति एकड़ 20-25 हजार रुपये खर्च होते हैं, लेकिन अच्छी देखभाल और सिंचाई से लगभग 4 लाख रुपये की कमाई होती है। इस फसल ने किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत की है।
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बिहार के अररिया जिले में मक्का की खेती किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरी है। रानीगंज प्रखंड के काला बलुआ गांव के किसान रंजीत कुमार ने इस सीजन में मक्का की खेती कर अपनी आमदनी में काफी वृद्धि देखी है। उन्होंने कुल 5 एकड़ जमीन पर मक्का की फसल उगाई, जिससे उन्हें लाखों रुपये तक की कमाई हुई है।
रंजीत कुमार ने बताया कि मक्का की खेती में प्रति एकड़ लगभग 20 से 25 हजार रुपये का खर्च आता है। इसमें बीज, खाद, कीटनाशक और सिंचाई का खर्च शामिल है। हालांकि, उचित देखभाल और समय पर सिंचाई के कारण उनकी फसल अच्छी हुई और प्रति एकड़ लगभग 80 हजार रुपये की आमदनी हुई। कुल मिलाकर 5 एकड़ से उन्होंने करीब 4 लाख रुपये की कमाई की है।
मक्का की खेती अररिया के किसानों के लिए खास इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह फसल कम पानी में भी अच्छी होती है और इसका बाजार में अच्छा दाम मिलता है। इसके अलावा, मक्का की फसल से किसानों को स्थिर आय का स्रोत मिलता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। अररिया जैसे इलाके में जहां खेती पर निर्भरता अधिक है, वहां मक्का की खेती किसानों की किस्मत बदलने का जरिया बन रही है।
मक्का की खेती से न केवल किसान आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि इससे उनके जीवन स्तर में भी सुधार हुआ है। अच्छी आमदनी मिलने से वे अपनी जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर पा रहे हैं। साथ ही, यह खेती स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ा रही है।
इस तरह, अररिया में मक्का की खेती किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है और आने वाले समय में यह क्षेत्रीय कृषि में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
News Source: : News18
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