सहरसा के सफल उद्यमी मणि कुमार की कहानी: 10 लाख के लोन से शुरू हुआ गेट-ग्रिल बिजनेस
सहरसा के मणि कुमार ने मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना के तहत 10 लाख रुपये का लोन लेकर गेट-ग्रिल निर्माण का व्यवसाय शुरू किया। नौकरी छोड़कर उन्होंने अपने काम से कई युवाओं को रोजगार दिया और आज वे सहरसा के जाने-माने उद्यमी बन गए हैं।
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सहरसा के मणि कुमार ने मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना के तहत 10 लाख रुपये का लोन लेकर गेट-ग्रिल निर्माण का व्यवसाय शुरू किया। उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी छोड़कर इस नए व्यवसाय में कदम रखा और आज वे सहरसा के जाने-माने उद्यमी बन गए हैं।
मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना का मकसद पिछड़े वर्ग के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। मणि कुमार ने इस योजना के तहत 10 लाख रुपये का लोन लिया, जिससे उन्होंने गेट-ग्रिल बनाने की फैक्ट्री स्थापित की। इस लोन ने उन्हें व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक पूंजी उपलब्ध कराई, जो उनके लिए सफलता की पहली सीढ़ी साबित हुई।
मणि कुमार ने न केवल अपना व्यवसाय सफल बनाया, बल्कि उन्होंने कई युवाओं को रोजगार भी दिया है। उनके इस कदम से स्थानीय युवाओं को काम मिला है, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं। इससे यह भी पता चलता है कि सरकारी योजनाएं सही दिशा में इस्तेमाल होने पर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।
मणि कुमार की कहानी यह दर्शाती है कि सही योजना और साहस के साथ कोई भी व्यक्ति अपने सपनों को साकार कर सकता है। पिछड़े वर्ग के लिए यह एक प्रेरणा है कि वे भी सरकारी सहायता लेकर अपने व्यवसाय की शुरुआत कर सकते हैं और समाज में अपनी पहचान बना सकते हैं।
News Source: : News18
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