धर्मनिरपेक्षता पर मणिशंकर अय्यर का बयान, हिंदू धर्म पर राजनीति की आलोचना

कनोडिया कॉलेज में पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने कहा कि भारत की असली पहचान धर्मनिरपेक्षता और सांस्कृतिक विविधता है। उन्होंने छद्म हिन्दुत्व को राजनीतिक विचारधारा बताया और भाजपा पर समाज को सांप्रदायिक बनाने का आरोप लगाया। अय्यर ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि राजनीति को धर्म से ऊपर रखना चाहिए।

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मणिशंकर अय्यर ने धर्मनिरपेक्षता पर दिया अहम बयान

पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कनोडिया कॉलेज में एक कार्यक्रम के दौरान धर्मनिरपेक्षता और सांस्कृतिक विविधता को भारत की असली पहचान बताया। उन्होंने कहा कि भारत का मूल स्वरूप धर्मनिरपेक्षता पर आधारित है, जो सभी धर्मों और समुदायों को समान अधिकार देता है।

हिंदू धर्म पर राजनीति की आलोचना

राजनीति को धर्म से ऊपर रखना जरूरी

मणिशंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तंज कसते हुए कहा कि राजनीति को धर्म से ऊपर रखना चाहिए। उनका मानना है कि अगर राजनीति धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों पर आधारित होगी, तो ही देश में सामाजिक सौहार्द और एकता बनी रह सकती है। उन्होंने कहा कि धर्म का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए करना देश की एकता को कमजोर करता है।

इस बयान का प्रभाव

मणिशंकर अय्यर का यह बयान वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देश में धार्मिक आधार पर राजनीति की बढ़ती चर्चा और विवादों के बीच उनके विचार समाज को धर्मनिरपेक्षता की ओर लौटने का संदेश देते हैं। यह बयान उन लोगों के लिए भी एक चेतावनी है जो धर्म को राजनीति के लिए इस्तेमाल करते हैं।

News Source: : Dainik Navajyoti

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प्रश्न 1: मणिशंकर अय्यर ने भारत की असली पहचान क्या कही?

प्रश्न 2: अय्यर ने किस पार्टी पर हिंदू धर्म का राजनीतिक उपयोग कहा?

प्रश्न 3: मणिशंकर अय्यर के अनुसार राजनीति को किससे ऊपर रखना चाहिए?

प्रश्न 4: अय्यर ने छद्म हिन्दुत्व के बारे में क्या कहा?

प्रश्न 5: उनके बयान का समाज पर क्या प्रभाव माना गया?


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