मई 2026 में वट सावित्री व्रत, गंगा दशहरा और पद्मिनी एकादशी की तिथियां
मई 2026 में वट सावित्री व्रत, गंगा दशहरा, पद्मिनी एकादशी समेत बुद्ध पूर्णिमा और शनि जयंती भी हैं। जानिए पूरी तिथि और धार्मिक महत्व।
मई 2026 में कई महत्वपूर्ण धार्मिक तिथियां पड़ रही हैं, जिनमें वट सावित्री व्रत, गंगा दशहरा, पद्मिनी एकादशी, बुद्ध पूर्णिमा और शनि जयंती शामिल हैं। ये तिथियां हिन्दू धर्म में विशेष स्थान रखती हैं और इनका पालन धार्मिक आस्था के साथ किया जाता है।
मई 2026 में वट सावित्री व्रत 22 मई को मनाया जाएगा। यह व्रत विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं। इस दिन महिलाएं वट वृक्ष के नीचे पूजा करती हैं और सावित्री की कथा सुनती हैं। यह व्रत खासतौर पर उत्तर भारत में बहुत श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
गंगा दशहरा 31 मई को है। यह त्योहार गंगा नदी के अवतरण की खुशी में मनाया जाता है। इस दिन गंगा नदी में स्नान करना पवित्र माना जाता है और लोगों का मानना है कि इससे सभी पाप धुल जाते हैं। गंगा दशहरा का धार्मिक महत्व बहुत बड़ा है क्योंकि यह नदियों की पूजा और संरक्षण की याद दिलाता है।
पद्मिनी एकादशी 18 मई को है। यह एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है और भक्त इस दिन व्रत रखते हैं। यह व्रत आध्यात्मिक शुद्धि और मन की शांति के लिए किया जाता है। पद्मिनी एकादशी का पालन करने से जीवन में खुशहाली और समृद्धि आती है।
मई में बुद्ध पूर्णिमा और शनि जयंती भी हैं। बुद्ध पूर्णिमा भगवान बुद्ध के जन्म, बोधि प्राप्ति और महापरिनिर्वाण के अवसर पर मनाई जाती है। शनि जयंती शनि देव की पूजा का दिन है जो न्याय और कर्म के देवता माने जाते हैं।
इन तिथियों का पालन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करता है बल्कि समाज में सांस्कृतिक एकता और सद्भाव भी बढ़ाता है। लोग इन अवसरों पर परिवार और समाज के साथ मिलकर पूजा-पाठ करते हैं और धार्मिक कथाएं सुनते हैं। इससे नई पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का मौका मिलता है।
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