नालंदा में युवा मोबाइल-बाइक खरीदारी में बढ़ा EMI कर्ज 40 करोड़ पार
नालंदा जिले के युवाओं में मोबाइल, बाइक और ब्रांडेड सामान की मांग बढ़ी है। आसान EMI की वजह से बिना बचत के महंगे सामान लेने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। EMI कारोबार अब 40 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच चुका है।
Youth की EMI debt ने बढ़ाई चिंता 😟
नालंदा जिले में युवा वर्ग के बीच मोबाइल फोन, बाइक और ब्रांडेड सामान की खरीदारी में तेजी आई है। खासतौर पर आसान EMI विकल्पों के कारण बिना बचत किए महंगे उत्पाद लेने का रुझान बढ़ा है। इस कारण जिले में EMI कर्ज का कारोबार 40 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया है।
आजकल ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगहों पर आसान किस्तों पर सामान खरीदने के विकल्प उपलब्ध हैं। युवाओं के लिए यह सुविधा आकर्षक साबित हो रही है क्योंकि वे तुरंत अपनी पसंद का सामान ले सकते हैं। मोबाइल फोन और बाइक जैसी महंगी वस्तुओं की कीमतें बढ़ने के बावजूद, EMI की वजह से किश्तों में भुगतान करना आसान हो गया है। इससे बिना ज्यादा बचत किए भी खरीदारी संभव हो रही है।
हालांकि आसान EMI ने खरीदारी को सुगम बनाया है, लेकिन इससे युवाओं पर वित्तीय दबाव भी बढ़ सकता है। बिना योजना के ज्यादा कर्ज लेना भविष्य में भुगतान संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है। इसके अलावा, कर्ज बढ़ने से आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि EMI लेने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति का सही मूल्यांकन जरूर करें।
नालंदा में युवाओं की बढ़ती खरीदारी और EMI कर्ज में वृद्धि से पता चलता है कि बाजार में मांग तो बढ़ रही है, लेकिन साथ ही वित्तीय समझदारी भी जरूरी है। सही योजना के बिना EMI लेना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए खरीदारी करते समय सावधानी बरतना जरूरी है।
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