पंजाब बेअदबी कानून पर हाईकोर्ट में नई चुनौती, राष्ट्रपति मंजूरी नहीं
पंजाब सरकार के सख्त बेअदबी कानून 'जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026' को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती मिली है। विपक्ष ने राष्ट्रपति की मंजूरी न होने का हवाला दिया है।
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पंजाब सरकार द्वारा हाल ही में लागू किया गया सख्त बेअदबी कानून 'जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026' अब पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती का सामना कर रहा है। विपक्षी पक्ष ने इस कानून को लेकर एक महत्वपूर्ण दलील पेश की है कि इस अधिनियम को राष्ट्रपति की मंजूरी नहीं मिली है, जो कि संवैधानिक प्रक्रिया का एक जरूरी हिस्सा है।
पंजाब सरकार ने बेअदबी के मामलों को रोकने और धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को लेकर सख्त कार्रवाई के उद्देश्य से यह कानून बनाया है। हालांकि, विपक्ष ने इसे चुनौती देते हुए कहा है कि इस कानून को लागू करने के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी आवश्यक होती है, जो अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। इस वजह से उन्होंने हाईकोर्ट में इस कानून को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की है।
संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करना किसी भी कानून के लिए अनिवार्य होता है। यदि किसी कानून को राष्ट्रपति की मंजूरी के बिना लागू किया जाता है, तो वह कानून असंवैधानिक माना जा सकता है। ऐसे में इस मामले की सुनवाई से यह स्पष्ट होगा कि पंजाब सरकार ने कानून बनाने की प्रक्रिया में कोई गलती तो नहीं की। यह फैसला भविष्य में अन्य राज्यों के कानूनों पर भी प्रभाव डाल सकता है।
यह मामला सीधे तौर पर पंजाब के नागरिकों और धार्मिक समुदायों को प्रभावित कर सकता है। यदि कानून को असंवैधानिक घोषित किया गया तो वर्तमान में चल रही कार्रवाईयों पर रोक लग सकती है। वहीं, यदि कानून को वैध माना गया, तो बेअदबी के मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। आम जनता के लिए यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे धार्मिक सद्भाव और कानून व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
News Source: : Dainik Tribune
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