NSE सर्कुलर: 1 अप्रैल से एफएंडओ में शामिल होंगी 6 बड़ी कंपनियों के शेयर
NSE ने जारी सर्कुलर में बताया कि 1 अप्रैल 2026 से 6 बड़ी कंपनियों के नए कॉन्ट्रैक्ट्स ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगे। यह फैसला सेबी के स्टॉक चयन मानकों और मंजूरी के बाद लिया गया है।
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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने हाल ही में एक सर्कुलर जारी किया है जिसमें बताया गया है कि 1 अप्रैल 2026 से छह बड़ी कंपनियों के फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) में नए कॉन्ट्रैक्ट्स ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगे। यह निर्णय सेबी के स्टॉक चयन मानकों और उनकी मंजूरी के बाद लिया गया है।
इस अपडेट के तहत NSE में छह कंपनियों के शेयरों के फ्यूचर्स और ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स को जोड़ा जाएगा। इसका मतलब है कि निवेशक अब इन कंपनियों के शेयरों पर डेरिवेटिव ट्रेडिंग कर सकेंगे। यह कंपनियां भारतीय बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और इनके शेयरों की ट्रेडिंग से बाजार में तरलता बढ़ने की उम्मीद है।
सेबी के कड़े स्टॉक चयन मानकों के अनुसार कंपनियों का चयन होना यह दर्शाता है कि ये कंपनियां वित्तीय रूप से मजबूत और बाजार में स्थिर हैं। NSE द्वारा इन शेयरों को एफएंडओ में शामिल करने से निवेशकों को विविध विकल्प मिलेंगे और वे अपने निवेश पोर्टफोलियो को बेहतर ढंग से मैनेज कर सकेंगे। इसके अलावा, इससे बाजार में ट्रेडिंग एक्टिविटी बढ़ेगी और निवेशकों के लिए जोखिम प्रबंधन के नए अवसर खुलेंगे।
निवेशकों के लिए यह एक सकारात्मक खबर है क्योंकि वे अब इन छह कंपनियों के शेयरों के जरिए फ्यूचर्स और ऑप्शंस में ट्रेडिंग कर सकते हैं। इससे उन्हें हेजिंग और स्पेकुलेशन के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना होगा कि डेरिवेटिव ट्रेडिंग में जोखिम भी होता है, इसलिए समझदारी से निवेश करना जरूरी है।
कुल मिलाकर, यह कदम भारतीय स्टॉक मार्केट को और अधिक विकसित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
News Source: : CNBC TV18
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