Metabolic Health में कोरोना के बाद बढ़ा हाई ब्लड शुगर का खतरा
NFHS-6 रिपोर्ट में दिखा कोरोना के बाद लाइफस्टाइल बीमारियों खासकर हाई ब्लड शुगर के मामलों में तेज़ी।
High blood sugar cases बढ़े alarmingly 🔥
हाल ही में जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) की रिपोर्ट में यह सामने आया है कि कोरोना महामारी के बाद मेटाबोलिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। खासतौर पर हाई ब्लड शुगर यानी डायबिटीज के मामलों में काफी बढ़ोतरी देखी गई है। यह रिपोर्ट देश में लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों की स्थिति को दर्शाती है।
NFHS-6 की रिपोर्ट के अनुसार कोरोना महामारी के दौरान और उसके बाद लोगों में शारीरिक गतिविधि में कमी आई है, जिससे मोटापा और हाई ब्लड शुगर के मामलों में इजाफा हुआ है। लॉकडाउन के कारण घरों में रहने और व्यायाम न करने की आदतें बढ़ीं, जिससे मेटाबोलिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि महिलाओं और बुजुर्गों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिली है।
मेटाबोलिक हेल्थ का सीधा असर हमारे शरीर के कई अंगों पर पड़ता है। हाई ब्लड शुगर या डायबिटीज से हृदय रोग, किडनी की समस्या और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कोरोना के बाद इस बीमारी का बढ़ना स्वास्थ्य प्रणाली के लिए भी चिंता का विषय है क्योंकि इससे इलाज की जरूरत और बढ़ेगी।
इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि लोगों को अपने खान-पान और जीवनशैली पर विशेष ध्यान देना होगा। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच जरूरी होगी। सरकार और स्वास्थ्य विभाग को भी इस दिशा में जागरूकता बढ़ाने और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत है ताकि मेटाबोलिक बीमारियों को नियंत्रित किया जा सके।
इस प्रकार, कोरोना के बाद स्वास्थ्य की चुनौतियां बढ़ी हैं और मेटाबोलिक हेल्थ पर विशेष ध्यान देना अब और भी जरूरी हो गया है।
Download : Educational Quiz App
Continue with Google