बिहार शराबबंदी से 30 हजार करोड़ का राजस्व नुकसान, प्रशांत किशोर का दावा
प्रशांत किशोर ने बिहार में शराबबंदी को फर्जी बताया और इसे खत्म करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे अवैध अर्थव्यवस्था बढ़ रही है।
© Image credit: : ABP News
राजनीतिक सलाहकार प्रशांत किशोर ने बिहार में लागू शराबबंदी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि इस बंदी के कारण राज्य को करीब 30 हजार करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ है। उनका यह भी दावा है कि शराबबंदी के कारण अवैध शराब का कारोबार बढ़ा है, जो गैरकानूनी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दे रहा है।
बिहार सरकार ने शराबबंदी को लागू करके समाज में शराब से होने वाले दुष्प्रभावों को कम करने की कोशिश की थी। हालांकि, प्रशांत किशोर के अनुसार, इस नीति के कारण राज्य को मिलने वाला राजस्व बंद हो गया है, जिससे आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि बंदी के बावजूद अवैध शराब की बिक्री बढ़ी है, जिससे कानून व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
शराबबंदी से सरकार को राजस्व का बड़ा हिस्सा नहीं मिल पा रहा है, जिससे विकास कार्यों और सामाजिक योजनाओं के लिए फंड कम हो सकता है। वहीं, अवैध शराब का बढ़ना स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिहाज से भी चिंता का विषय है। आम जनता को इससे नुकसान हो सकता है क्योंकि अवैध शराब की गुणवत्ता खराब होती है और इससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
प्रशांत किशोर का यह बयान बिहार में शराबबंदी की प्रभावशीलता और उसके परिणामों पर एक नई बहस को जन्म दे सकता है। यह जरूरी है कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करे और ऐसी नीतियां बनाए जो आर्थिक नुकसान को कम करें और समाज में शराब से जुड़ी समस्याओं को भी नियंत्रित कर सकें।
News Source: : ABP News
Continue with Google
Advertisements