राजगीर मलमास मेला 2026: सोमवती अमावस्या पर धर्मध्वज अवतरण हुआ

राजगीर में एक महीने चले मलमास मेला का समापन सोमवती अमावस्या पर धर्मध्वज अवतरण के साथ हुआ। तीन करोड़ श्रद्धालुओं ने सप्तधारा और ब्रह्मकुंड में आस्था की डुबकी लगाई।

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राजगीर मलमास मेला 2026 का समापन

राजगीर में इस साल एक महीने तक चलने वाला मलमास मेला सोमवती अमावस्या के दिन धर्मध्वज अवतरण के साथ संपन्न हुआ। यह मेला हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया गया। तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने इस दौरान सप्तधारा और ब्रह्मकुंड के पवित्र जल में डुबकी लगाकर अपने मनोकामनाओं की पूर्ति की।

धर्मध्वज अवतरण का महत्व

धर्मध्वज अवतरण का आयोजन मेला समाप्ति का प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान माना जाता है। यह परंपरा दर्शाती है कि मेले में हुई धार्मिक गतिविधियां पूर्ण हुईं और श्रद्धालुओं की आस्था को सम्मान मिला। इस अवसर पर कई पुजारी और श्रद्धालु एकत्रित होकर धर्मध्वज को उतारते हैं, जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है।

श्रद्धालुओं पर प्रभाव

मलमास मेला न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक शांति और मन की शुद्धि का माध्यम भी है। इस मेला के दौरान बड़ी संख्या में लोग राजगीर पहुंचते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होता है। इस बार भी तीन करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी से यह स्पष्ट होता है कि राजगीर का यह मेला देशभर में अपनी आस्था और सांस्कृतिक महत्ता बनाए हुए है।

सारांश

राजगीर मलमास मेला 2026 का समापन धर्मध्वज अवतरण के साथ हुआ, जिसने इस धार्मिक आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। लाखों श्रद्धालुओं ने इस पावन अवसर का लाभ उठाकर अपनी आस्था को मजबूत किया। यह मेला न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी महत्वपूर्ण साबित होता है।

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प्रश्न 1: राजगीर मलमास मेला 2026 का समापन कब हुआ?


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