दिल की बीमारी के शुरुआती लक्षण: युवाओं में बढ़ रहा आर्टरीज सख्त होने का खतरा
आर्टरीज सख्त होने की वजह से पहले 50 साल के बाद होती थीं बीमारियां, अब 30 साल के युवा भी प्रभावित हो रहे हैं। जानिए इसके कारण।
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दिल की बीमारी, खासकर आर्टरीज सख्त होने की समस्या, पहले ज्यादातर 50 साल से ऊपर के लोगों में देखी जाती थी। लेकिन आजकल 30 साल के युवा भी इस खतरे की चपेट में आ रहे हैं। यह बदलाव चिंता का विषय बन गया है क्योंकि इससे दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
आर्टरीज सख्त होना या एथेरोस्क्लेरोसिस, एक ऐसी स्थिति है जिसमें दिल की धमनियों की दीवारों पर फैट, कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थ जमा हो जाते हैं। इससे धमनियां संकरी हो जाती हैं और रक्त प्रवाह में रुकावट आती है। इससे दिल को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जो दिल की बीमारी का कारण बनता है।
युवाओं में इस बीमारी के बढ़ने के कई कारण हैं। गलत खानपान, ज्यादा तला-भुना खाना, शारीरिक गतिविधि की कमी, तनाव, धूम्रपान और शराब का सेवन इसके मुख्य कारण हैं। साथ ही, आज की तेज जिंदगी में बढ़ती जीवनशैली की समस्याएं भी इस बीमारी को बढ़ावा देती हैं।
यह जानकारी युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि समय रहते इस बीमारी के लक्षण पहचानकर सही कदम उठाए जा सकते हैं। शुरुआती लक्षणों में छाती में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, थकान और कमजोरी शामिल हो सकते हैं। यदि इन्हें नजरअंदाज किया गया तो दिल का दौरा या अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
इस खबर से युवाओं को अपनी जीवनशैली पर ध्यान देने की जरूरत समझ में आएगी। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, तनाव कम करना और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना जरूरी हो गया है। इससे वे दिल की बीमारियों से बचाव कर सकते हैं और बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित कर सकते हैं।
News Source: : ABP News
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