आरएसएस शताब्दी वर्ष पर जनसंगोष्ठी में राष्ट्र और पर्यावरण पर चर्चा
नवादा में आरएसएस के नेतृत्व में आर्य समाज मंदिर में राष्ट्र निर्माण और पर्यावरण संरक्षण पर जनसंगोष्ठी आयोजित हुई।
© Image credit: : प्रभात खबर
नवादा के आर्य समाज मंदिर में हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेतृत्व में एक जनसंगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय था "राष्ट्र निर्माण और पर्यावरण संरक्षण"। इस संगोष्ठी का आयोजन आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर किया गया, जिसमें विभिन्न सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर चर्चा हुई।
इस जनसंगोष्ठी का उद्देश्य देश के विकास में नागरिकों की भूमिका को समझाना और साथ ही पर्यावरण संरक्षण के महत्व को उजागर करना था। वक्ताओं ने बताया कि राष्ट्र निर्माण केवल आर्थिक या भौतिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सामाजिक जागरूकता और प्रकृति के संरक्षण की भी अहम भूमिका होती है।
कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें सामने आईं। वक्ताओं ने पर्यावरणीय संकटों जैसे प्रदूषण, जल संकट और वन क्षेत्रों के नुकसान पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि पर्यावरण की रक्षा के बिना स्थायी विकास संभव नहीं है। इसीलिए हर नागरिक को अपने स्तर पर पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभानी होगी।
आरएसएस के नेताओं ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा देश के भविष्य हैं और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक विकास के लिए भी आगे आना होगा। इस संगोष्ठी में शामिल लोगों ने इस बात पर सहमति जताई कि एक स्वस्थ और स्वच्छ पर्यावरण के बिना राष्ट्र का विकास अधूरा रहेगा।
इस जनसंगोष्ठी ने नवादा में नागरिकों में राष्ट्र और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का काम किया है। यह कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर संवाद को बढ़ावा देने में सहायक साबित हुआ।
News Source: : प्रभात खबर
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