सूरज बड़जात्या के विचार: कबीर सिंह, एनिमल और प्रेम के दो पहलू

सूरज बड़जात्या ने हिंदी फिल्मों में रोमांटिक हीरो को अलग अंदाज में पेश किया था, जैसे 'विवाह' और 'हम आपके हैं कौन' में। अब वे मानते हैं कि उनका प्रेम और फिल्में जैसे कबीर सिंह, एनिमल एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।

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सूरज बड़जात्या के विचार: प्रेम के दो पहलू

फिल्म निर्माता सूरज बड़जात्या ने हिंदी सिनेमा में रोमांटिक हीरो को एक खास अंदाज में पेश किया है। उनकी फिल्मों जैसे 'विवाह' और 'हम आपके हैं कौन' ने पारंपरिक प्रेम को सरल और स्नेहपूर्ण तरीके से दर्शाया। हाल ही में उन्होंने कहा कि आज की फिल्मों जैसे 'कबीर सिंह' और 'एनिमल' भी प्रेम के दो अलग पहलू हैं, जो एक ही सिक्के के दो पहलू समझे जा सकते हैं।

क्या है सूरज बड़जात्या की सोच?

सूरज बड़जात्या का मानना है कि प्रेम को समझने के लिए हमें इसके विभिन्न रूपों को स्वीकार करना होगा। जहां उनकी फिल्मों में प्रेम को परिवार और संस्कारों के साथ जोड़ा गया है, वहीं 'कबीर सिंह' और 'एनिमल' जैसी फिल्मों में प्रेम की जटिलता, जुनून और कभी-कभी हिंसा भी दिखती है। वे कहते हैं कि ये दोनों तरीके प्रेम की गहराई और विविधता को दर्शाते हैं।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

सिनेमा समाज का आईना होता है और प्रेम की विभिन्न छवियों को दिखाना दर्शकों को अलग-अलग अनुभव और सोच देता है। सूरज बड़जात्या की यह सोच दर्शाती है कि प्रेम का कोई एक रूप नहीं होता, बल्कि यह समय, परिस्थिति और व्यक्ति के नजरिए से बदलता रहता है। इससे फिल्मों में प्रेम की कहानी और भी ज्यादा वास्तविक और बहुआयामी बनती है।

दर्शकों पर प्रभाव

जब प्रेम के विभिन्न पहलुओं को फिल्मों में दिखाया जाता है, तो दर्शक अपने अनुभवों के अनुसार उससे जुड़ पाते हैं। कुछ को पारंपरिक प्रेम की कहानियां पसंद आती हैं, तो कुछ को उन कहानियों में जो जटिलता और गहराई होती है। सूरज बड़जात्या की यह सोच दर्शकों के लिए प्रेम की समझ को व्यापक बनाती है और उन्हें अलग-अलग फिल्मों के प्रति खुला नजरिया अपनाने में मदद करती है।

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प्रश्न 1: सूरज बड़जात्या की फिल्मों में प्रेम को किस तरह दिखाया गया है?

प्रश्न 2: सूरज बड़जात्या के अनुसार 'कबीर सिंह' और 'एनिमल' जैसी फिल्मों में प्रेम के कौन से पहलू दिखाए गए हैं?

प्रश्न 3: सूरज बड़जात्या के विचार में प्रेम को समझने के लिए क्या जरूरी है?

प्रश्न 4: सिनेमा समाज के लिए सूरज बड़जात्या किस रूप में है?

प्रश्न 5: सूरज बड़जात्या की सोच दर्शकों के लिए प्रेम की समझ को कैसे प्रभावित करती है?


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