स्टीविया और शहद: स्वास्थ्य के लिए कौन सा मीठा बेहतर है?
स्वास्थ्य के लिहाज से स्टीविया और शहद में क्या है बेहतर विकल्प, डायटिशियन की राय जानिए।
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मीठे का सेवन हमारे खाने में खास जगह रखता है, लेकिन स्वास्थ्य की दृष्टि से सही विकल्प चुनना जरूरी है। आजकल स्टीविया और शहद दोनों को स्वस्थ विकल्प माना जाता है। इस लेख में हम जानेंगे कि स्वास्थ्य के लिहाज से इनमें से कौन सा मीठा बेहतर है।
स्टीविया एक प्राकृतिक मीठा है जो स्टीविया पौधे की पत्तियों से प्राप्त होता है। यह कैलोरी में बहुत कम होता है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी लगभग शून्य के करीब होता है। इसलिए यह डायबिटीज के मरीजों के लिए उपयुक्त माना जाता है। स्टीविया का स्वाद शक्कर से कई गुना मीठा होता है, इसलिए इसका उपयोग कम मात्रा में किया जाता है।
शहद भी एक प्राकृतिक मीठा है जो मधुमक्खियों द्वारा फूलों के रस से बनाया जाता है। इसमें विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। हालांकि शहद में शक्कर की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए, खासकर डायबिटीज के मरीजों को।
डायटिशियन के अनुसार, यदि आप शुगर कंट्रोल कर रहे हैं या डायबिटीज के मरीज हैं तो स्टीविया बेहतर विकल्प हो सकता है क्योंकि इसमें कैलोरी और ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत कम होता है। वहीं, सामान्य स्वास्थ्य के लिए शहद एक प्राकृतिक और पौष्टिक विकल्प है, लेकिन इसे भी संतुलित मात्रा में ही लेना चाहिए।
स्टीविया का उपयोग करने वाले लोग मीठे का स्वाद बिना अतिरिक्त कैलोरी के पा सकते हैं, जिससे वजन नियंत्रण में मदद मिलती है। वहीं शहद का नियमित और सीमित सेवन शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है लेकिन अधिक मात्रा में सेवन से वजन बढ़ सकता है। इसलिए दोनों का उपयोग समझदारी से करना जरूरी है।
इस प्रकार, स्वास्थ्य की स्थिति और व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार स्टीविया या शहद दोनों में से कोई भी मीठा चुना जा सकता है।
News Source: : Onlymyhealth
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