तनाव और दिल की सेहत: ऑफिस स्ट्रेस से बढ़ रहा 20-30 उम्र में हाई बीपी
आधुनिक जीवनशैली में तनाव से शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जिससे दिल की धड़कन तेज होती है और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है।
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आज के आधुनिक जीवनशैली में ऑफिस का तनाव युवाओं की सेहत पर गहरा असर डाल रहा है। खासकर 20 से 30 वर्ष की उम्र के बीच के लोग हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) की समस्या से जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, तनाव के कारण शरीर में कोर्टिसोल नामक हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जो दिल की धड़कन को तेज करता है और ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है।
तनाव की स्थिति में शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन रिलीज होते हैं। ये हार्मोन दिल की धड़कन को तेज कर देते हैं और रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। लगातार तनाव में रहने से यह स्थिति स्थायी रूप ले सकती है, जिससे हाई बीपी की समस्या गंभीर हो सकती है।
पहले यह माना जाता था कि हाई ब्लड प्रेशर मुख्य रूप से उम्रदराज लोगों में होता है, लेकिन अब युवा भी इस समस्या से प्रभावित हो रहे हैं। ऑफिस का काम, लंबी ड्यूटी, डेडलाइन का दबाव और अस्वस्थ जीवनशैली इस समस्या को बढ़ावा दे रहे हैं। हाई बीपी से दिल की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है, जो युवाओं के लिए चिंता का विषय है।
अगर आप 20 से 30 वर्ष के बीच हैं और ऑफिस तनाव महसूस कर रहे हैं, तो अपनी सेहत पर ध्यान देना जरूरी है। नियमित व्यायाम, सही खानपान, पर्याप्त नींद और तनाव कम करने की तकनीकों को अपनाना फायदेमंद होगा। समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच कराते रहना भी आवश्यक है ताकि किसी भी समस्या का समय रहते पता चल सके।
इस तरह के अपडेट से यह समझना जरूरी है कि तनाव केवल मानसिक समस्या नहीं, बल्कि इससे शरीर पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। इसलिए, अपनी सेहत का ध्यान रखना और तनाव को नियंत्रित करना आज की जरूरत है।
News Source: : ABP News
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