टीएमबीयू के आधा दर्जन एमओयू के बावजूद छात्रों को कोई फायदा नहीं
तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय ने कई संस्थानों के साथ एमओयू किए, लेकिन अभी तक छात्रों को इसका कोई लाभ नहीं मिला है। एमओयू केवल कागजों में ही सीमित हैं।
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तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) ने हाल ही में आधा दर्जन से अधिक संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन एमओयू का उद्देश्य छात्रों को बेहतर शैक्षिक और व्यावसायिक अवसर प्रदान करना बताया गया था। लेकिन अब तक इन समझौतों का कोई ठोस लाभ छात्रों को नहीं मिल पाया है।
एमओयू के तहत विश्वविद्यालय ने विभिन्न उद्योगों और शैक्षिक संस्थानों के साथ सहयोग की बात कही थी। इनमें इंटर्नशिप, प्रशिक्षण, शोध सहयोग और छात्र विनिमय कार्यक्रम शामिल थे। लेकिन विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों का कहना है कि ये एमओयू केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं। कोई भी व्यावहारिक कदम या कार्यक्रम अभी तक शुरू नहीं किया गया है।
एमओयू के बावजूद छात्रों को कोई अतिरिक्त सुविधा, प्रशिक्षण या रोजगार संबंधी मदद नहीं मिली है। इससे छात्रों में निराशा व्याप्त है और वे अपनी शिक्षा और करियर को लेकर चिंतित हैं। कई छात्र इस बात को लेकर सवाल उठा रहे हैं कि क्या विश्वविद्यालय प्रशासन इन समझौतों को सही मायने में लागू करने के लिए गंभीर है या नहीं।
एमओयू का उद्देश्य छात्रों को बेहतर अवसर देना होता है, जिससे उनकी योग्यता और कौशल में सुधार हो सके। यदि ये समझौते कागजों तक ही सीमित रहेंगे, तो इसका कोई फायदा नहीं होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन को चाहिए कि वे इन एमओयू को प्रभावी ढंग से लागू करें और छात्रों को उनके लाभ दिलाएं। इससे न केवल छात्रों का भविष्य संवर सकेगा, बल्कि विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी।
News Source: : प्रभात खबर
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