US-ईरान 21 घंटे की वार्ता क्यों हुई असफल, ट्रंप का फरमान जारी
अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में 21 घंटे चली बातचीत बिना नतीजे खत्म हुई। ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी का आदेश दिया, जबकि पाकिस्तान ने मध्यस्थता जारी रखने की बात कही।
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अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई 21 घंटे लंबी बातचीत बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई। यह वार्ता दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के प्रयास के तहत आयोजित की गई थी, लेकिन कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति न बन पाने के कारण वार्ता विफल रही।
वार्ता के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के खिलाफ नाकेबंदी का आदेश जारी किया है। यह क्षेत्र वैश्विक तेल परिवहन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, और इस नाकेबंदी से तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि इस कदम से ईरान की सैन्य गतिविधियों और परमाणु कार्यक्रमों पर दबाव बढ़ेगा।
दूसरी ओर, पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता जारी रखने की इच्छा जाहिर की है। पाकिस्तान का कहना है कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए दोनों देशों के बीच संवाद जरूरी है और वह इस प्रक्रिया में मदद करता रहेगा। इस्लामाबाद की यह भूमिका क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस वार्ता के असफल होने और नाकेबंदी के आदेश के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है, जिसका असर वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ सकता है। इससे ईंधन की कीमतों में वृद्धि हो सकती है, जो आम जनता और उद्योगों दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। साथ ही, क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर भी अनिश्चितता बढ़ सकती है।
इसलिए, अमेरिका-ईरान के बीच आगे की बातचीत और पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका पर नजरें बनी हुई हैं।
News Source: : Jagran
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