रामनगर-काशीपुर हाईवे जमीन अधिग्रहण पर उत्तराखंड HC की सख्त टिप्पणी
याचिकाकर्ताओं ने हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया में अस्पष्टता और आजीविका नुकसान का आरोप लगाया। हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट ने रामनगर-काशीपुर हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया को लेकर केंद्र और राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। याचिकाकर्ताओं ने इस प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और स्थानीय लोगों की आजीविका पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव का आरोप लगाया था।
रामनगर-काशीपुर हाईवे परियोजना के तहत कई इलाकों में जमीन अधिग्रहित की जा रही है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि अधिग्रहण प्रक्रिया में सही जानकारी नहीं दी जा रही है और प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा। इसके साथ ही, वे अपनी आजीविका खोने के डर से चिंतित हैं। इस मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हाईवे परियोजनाओं का उद्देश्य विकास तो होता है, लेकिन इसके लिए जमीन अधिग्रहण में पारदर्शिता और प्रभावित लोगों के हितों का ध्यान रखना जरूरी होता है। यदि अधिग्रहण प्रक्रिया में अनियमितताएं होती हैं तो यह स्थानीय लोगों के जीवन पर गहरा असर डाल सकता है।
हाईवे बनने से क्षेत्र में यातायात सुविधा बढ़ेगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन अधिग्रहण प्रक्रिया में समस्याएं आने से परियोजना में देरी हो सकती है, जिससे आम जनता को भी असुविधा हो सकती है। प्रभावित लोगों के हितों का ध्यान रखे बिना विकास योजनाएं अधूरी रह सकती हैं।
उत्तराखंड हाईकोर्ट की इस टिप्पणी से सरकारों पर दबाव बढ़ेगा कि वे जमीन अधिग्रहण को पारदर्शी और न्यायसंगत तरीके से पूरा करें, ताकि विकास के साथ-साथ लोगों के अधिकार भी सुरक्षित रहें।
News Source: : Live Hindustan
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