उत्तराखंड स्वच्छता रैंकिंग में QR कोड से जनता देगी फीडबैक

उत्तराखंड में स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत अब लोग चौराहों पर लगे QR कोड स्कैन कर गंदगी, नालियों और शौचालयों की शिकायत सीधे भेज सकेंगे।

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उत्तराखंड में स्वच्छता रैंकिंग के लिए नई पहल

उत्तराखंड सरकार ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत एक नई तकनीकी सुविधा शुरू की है। अब राज्य के विभिन्न चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर QR कोड लगाए जाएंगे, जिन्हें स्कैन कर आम जनता सीधे गंदगी, नालियों की समस्या और शौचालयों की खराब स्थिति की शिकायत कर सकेगी। यह कदम स्वच्छता में सुधार लाने और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए उठाया गया है।

नया अपडेट क्या है?

सरकार ने स्वच्छता रैंकिंग में पारदर्शिता और त्वरित शिकायत निवारण के लिए QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम लागू किया है। लोग अपने मोबाइल से QR कोड स्कैन कर सीधे संबंधित विभाग को समस्या की सूचना भेज सकेंगे। इससे शिकायतों का त्वरित समाधान संभव होगा और स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं पर नजर रखी जा सकेगी।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग पाने के लिए जनता की सक्रिय भागीदारी जरूरी होती है। अक्सर लोगों को शिकायत दर्ज कराने में दिक्कतें होती हैं, जिससे समस्याएं बनी रहती हैं। QR कोड के माध्यम से शिकायत प्रक्रिया सरल और तेज होगी, जिससे स्थानीय प्रशासन को वास्तविक समय में जानकारी मिलेगी और वे तुरंत कार्रवाई कर सकेंगे।

इसका प्रभाव आम जनता पर

यह सुविधा आम नागरिकों के लिए काफी मददगार साबित होगी। वे बिना किसी जटिल प्रक्रिया के अपनी समस्या सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचा सकेंगे। इससे न केवल स्वच्छता में सुधार होगा, बल्कि लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। साथ ही, प्रशासन भी बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारियों को निभा सकेगा।

उत्तराखंड सरकार का यह कदम स्वच्छता अभियान को और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

News Source: : ABP News

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प्रश्न 1: उत्तराखंड में स्वच्छता शिकायत के लिए क्या शुरू किया गया?


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