गुजरात मिड-डे मील में 38 लाख बच्चों को मिलेगा मिलेट सुखड़ी

गुजरात सरकार ने मिड-डे मील योजना में बदलाव करते हुए 38.5 लाख छात्रों को पारंपरिक सुखड़ी की जगह पौष्टिक मिलेट सुखड़ी देने का फैसला किया है।

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गुजरात मिड-डे मील योजना में बड़ा बदलाव

गुजरात सरकार ने अपने मिड-डे मील कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब राज्य के 38.5 लाख स्कूल बच्चों को पारंपरिक सुखड़ी की जगह मिलेट से बनी सुखड़ी दी जाएगी। यह कदम बच्चों को पोषण देने और उनकी सेहत सुधारने के उद्देश्य से उठाया गया है।

मिलेट सुखड़ी क्या है?

मिलेट सुखड़ी, पारंपरिक सुखड़ी की तरह ही स्वादिष्ट होती है, लेकिन इसमें बाजरा, ज्वार, रागी जैसे मिलेट्स का इस्तेमाल होता है। ये मिलेट्स फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होते हैं, जो बच्चों के विकास के लिए फायदेमंद हैं। इसके अलावा, मिलेट्स ग्लूटेन फ्री होते हैं और पाचन में भी सहायक माने जाते हैं।

यह बदलाव क्यों जरूरी है?

मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों को पौष्टिक भोजन देना बहुत जरूरी है ताकि उनकी सेहत और पढ़ाई दोनों बेहतर हो सकें। पारंपरिक सुखड़ी में अधिकतर मैदा और चीनी होती है, जो स्वास्थ्य के लिए उतनी लाभकारी नहीं होती। मिलेट सुखड़ी से बच्चों को जरूरी पोषण मिलेगा, जिससे उनकी इम्यूनिटी बढ़ेगी और वे अधिक सक्रिय रहेंगे।

छात्रों और अभिभावकों पर प्रभाव

इस बदलाव से बच्चों को बेहतर पोषण मिलेगा, जिससे उनकी शारीरिक और मानसिक विकास में मदद मिलेगी। अभिभावकों को भी इस बदलाव से संतोष होगा क्योंकि वे जानते हैं कि उनके बच्चे स्कूल में स्वस्थ और पौष्टिक भोजन पा रहे हैं। यह कदम गुजरात सरकार की शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सरकार ने कहा है कि मिलेट सुखड़ी की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि बच्चों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके।

News Source: : Webdunia Hindi

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प्रश्न 1: गुजरात सरकार ने मिड-डे मील में क्या बदला?


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